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Election: 'क्या पहले निर्विरोध चुना जाना संविधान की हत्या थी?' सूरत सीट से विजेता मुकेश दलाल का राहुल से सवाल

Thu, 25 Apr 2024 12:44 PM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सूरत से भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल अन्य उम्मीदवारों के मैदान छोड़ने के बाद निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी कई बार निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। तो क्या निर्विरोध निर्वाचन संविधान की हत्या थी?
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मुकेश दलाल। - फोटो : ANI
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विस्तार
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सूरत से निर्विरोध लोकसभा सीट जीतने के बाद राहुल गांधी की प्रतिक्रिया के बाद मुकेश दलाल ने उनपर कई सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा कि यदि निर्विरोध जीतना ही संविधान की हत्या है तो पहले निर्विरोध जीतना क्या था? क्या तब भी वह संविधान की हत्या थी।
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लोकसभा चुनाव 2024 के दूसरे चरण के चुनाव शुक्रवार को होना है। इसी बीच सूरत से भाजपा उम्मीदवार मुकेश दलाल अन्य उम्मीदवारों के मैदान छोड़ने के बाद निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले भी कई बार निर्विरोध निर्वाचन हुआ है। तो क्या निर्विरोध निर्वाचन संविधान की हत्या थी?

सूरत की लोकसभा सीट पर भाजपा के उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। सोमवार को वह अन्य उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद उनको निर्विरोध निर्वाचित किया गया। इसके बाद वे 12 सालों तक निर्विरोध लोकसभा सीट जीतने वाले पहले सांसद बन गए है। 
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मुकेश दलाल की जीत के बाद राहुल गांधी ने एक पोस्ट कर लिखा था कि लोगों से अपने नेता चुनने का अधिकार छीनना बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के संविधान की हत्या के समान है। क्योंकि आगामी लोकसभा चुनाव संविधान और देश को बचाने का चुनाव है। 

इस पर मुकेश दलाल ने राहुल पर पलटवार करते हुए कहा कि जहां तक मैं जानता हूं, कांग्रेस पार्टी और अन्य पार्टियों के 28 सांसद निर्विरोध चुने जा चुके हैं। अब यदि ऐसे में मेरा जीतना संविधान की हत्या है तो उनका निर्विरोध जीतना संविधान की हत्या नहीं है?

सूरत समेत देश की जनता राहुल को नहीं करेगी माफ
मुकेश दलाल ने कहा कि राहुल गांधी को सूरत क्या देश की जनता माफ नहीं करेगी। उन्होंने मोदी समुदाय को चोर कहा है। उन्होंने कहा था कि हर मोदी चोर है। इसलिए सूरत की जनता ने तो इसका बदला ले लिया। हार के डर से कांग्रेस के उम्मीदवारों ने पिछले दरवाजों से भागना सही समझा। 

पहले पार्षद थे मुकेश दलाल
निर्विरोध लोकसभा सीट के विजेता मुकेश दलाल पहले पार्षद थे। उन्होंने कहा कि पार्टी इस सीट पर पूरा जोर लगाकर चुनाव लड़ना चाहती थी। लेकिन कांग्रेस के पास तो चार वफादार कार्यकर्ता नहीं हैं। ऐसे में यह पार्टी देश में सत्ता चाहती है, इस पार्टी के नेता की प्रधानमंत्री बनने की चाह है। कुंभानी के नामांकन वापस लेने के बाद कांग्रेस का आरोप था कि इसके लिए भाजपा जिम्मेदार है। मुकेश दलाल ने कहा कि सूरत 1989 से उनकी पार्टी का गढ़ रहा है।

नामांकन के बाद जोर शोर से चल रहा था चुनाव प्रचार
दलाल मुकेश ने कहा कि नामांकन दाखिल होने के बाद हमने जोर शोर से चुनाव प्रचार शुरू कर दिया था, यही नहीं हम 70 प्रतिशत से अधिक निर्वाचन क्षेत्र तक पहुंच चुके थे। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लक्ष्य निर्धारित किया था कि इस बार हम सात लाख के अंतर से चुनाव जीतेंगे। लेकिन वह संभव नहीं हो सका। 

400 पार का पहला कमल खिल चुका है- मुकेश दलाल
सूरत सीट पर निर्विरोध चुने जाने के बाद मुकेश दलाल ने कहा कि जीत का पहला कमल खिल चुका है। इस बार 400 पार का पहली शुरूआत सूरत से हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेरी यह जीत समर्पित है। उन्होंने कहा कि जीतने के बाद मैं प्राथमिकता पर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, मेट्रो, बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट और रेलवे स्टेशन पर सुधार पर काम करूंगा। मैं सूरत के हीरों और टेक्सटाइल उद्योग की समस्याओं को हल करूंगा।
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