केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी को इंडियन मुस्लिग लीग से शर्म आती है, तो वे उनका समर्थन वापस कर दें। राहुल जहां से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां उनका समर्थन करने वाली पार्टी का झंड़ा तक राहुल ने अपने रोड़ शो में नहीं दिखाया।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बृहस्पतिवार को राहुल गांधी और गांधी परिवार के खिलाफ हमला बोला। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आईयूएमएल से शर्मिंदा हैं, इसलिए उन्होंने रोड शो के दौरान पार्टी के झंडा तक का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इंडियन मुस्लिग लीग से शर्म आती है, तो वे उनका समर्थन वापस कर दें। राहुल जहां से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां उनका समर्थन करने वाली पार्टी का झंड़ा तक राहुल ने अपने रोड़ शो में नहीं दिखाया। इसके अलावा, उन्होंने गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी से कई तीखे सवाल पूछे और उनका जवाब मांगा।
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क्यों चुप हैं राहुल गांधी
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ईरानी ने राहुल पर आरोप लगाया कि उन्होंने केरल में वाम मोर्चे के खिलाफ चुप्पी साध रखी है। उन्होंने कहा कि केरल के सहकारी बैंकों में घोटाले, राज्य निधि का सही प्रबंधन न होना जैसे मुद्दों पर राहुल ने चुप्पी साधी हुई है। राहुल सुशासन के बजाय सत्ता चाहते हैं। ईरानी ने गांधी पर आरोप लगाया कि वे दक्षिण भारत में सनातन धर्म के खिलाफ शत्रुता पैदा करते हैं। उन्होंने सवाल किया कि उत्तर भारत के हर प्रतिष्ठित मंदिर में वे चुनाव प्रचार के दौरान क्यों जाते हैं?
उन्होंने कहा कि यदि राहुल ने नामांकन दाखिल करते हुए दावा किया कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे थे। तो फिर वे प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन के राजनीतिक नेतृत्व का समर्थन क्यों ले रहे हैं? केंद्र सरकार ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। तो राहुल प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के खिलाफ सामने क्यों नहीं आ रहे हैं?
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वायनाड नहीं थी गांधी की पहली पसंद
एक दिन पहले, राहुल गांधी ने वायनाड को उनका परिवार बताया था, जिसपर ईरानी ने कहा कि गांधी परिवार 50 साल तक उत्तर प्रदेश के अमेठी को अपना परिवार बताता रहा। कौन अपना परिवार बदलता है? कौन अपने परिवार से भागता है? गांधी परिवार ने अमेठी के लोगों को धोखा दिया है। अब वे वायनाड के लोगों को धोखा देने की तैयारी में हैं। 2019 लोकसभा चुनाव में वायनाड राहुल के लिए पहली पसंद नहीं बल्कि उनकी मजबूरी था। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास प्रधानमंत्री पद के लिए कोई उम्मीदवार नहीं है? क्या राहुल गांधी उस पद के लिए सबको स्वीकार थे।