1. वोटिंग का समय क्या होगा?
मतदान सुबह 7 बजे शुरू होगा है और शाम 6 बजे समाप्त होगा। हालांकि, चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान समाप्ति का समय लोकसभा सीट के अनुसार अलग हो सकता है।
वोटर लिस्ट में नाम कैसे देखें?
- फोटो : electoralsearch.eci.gov.in
2. वोटर लिस्ट में नाम कैसे देखें?
- अपना नाम वोटर लिस्ट में चेक करने के लिए आप https://Electoralsearch.in पर लॉगइन करें। सीधे लिंक पर क्लिक करके भी आप वेबसाइट पर जा सकते हैं।
- अगर वेबसाइट पर नहीं देख पा रहे तो आप एप स्टोर या गूगल प्ले स्टोर पर जाकर वोटर हेल्पलाइन ऐप (Voter helpline app) डाउनलोड करिए। इस एप पर आप वोटर लिस्ट में अपना नाम आसानी से चेक कर सकते हैं।
- मतदान केंद्र के आसपास अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों की तरफ से कैंप भी लगाए जाते हैं। यहां मतदाताओं की पूरी सूची होती है। आप कैंप में जाकर भी अपना नाम देख सकते हैं।
3. अगर वोटर कार्ड नहीं है तो कैसे वोट कर पाएंगे?
अगर आपके पास वोटर आईडी कार्ड नहीं है तो भी आप वोट डाल सकेंगे। हालांकि, वोटर लिस्ट में आपका नाम होना जरूरी है। इसलिए मतदान केंद्र पर जाने से पहले वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर लें। अगर आपका नाम है तो आप चुनाव आयोग की तरफ से बताए गए 11 प्रकार के अन्य डॉक्युमेंट्स को पहचान पत्र के तौर पर दिखाकर वोट डाल सकते हैं।
4. वोट डालने के लिए कौन से पहचान पत्र जरूरी होंगे?
1. पासपोर्ट
2. ड्राइविंग लाइसेंस
3. अगर आप सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट के कर्मचारी हैं या फिर, PSUs और पब्लिक लिमिटेड कंपनी में काम कर रहे हैं तो कंपनी की फोटो आईडी के आधार पर भी मतदान किया जा सकता है।
4. PAN कार्ड
5. आधार कार्ड
6. पोस्ट ऑफिस और बैंक द्वारा जारी किया गया पासबुक।
7. मनरेगा जॉब कार्ड।
8. लेबर मिनिस्ट्री द्वारा जारी किया गया हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड।
9. पेंशन कार्ड जिसपर आपकी फोटो लगी हो और अटेस्टेड हो।
10. नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) द्वारा जारी स्मार्ट कार्ड।
11. MPs/MLAs/MLCs की तरफ से जारी आधिकारिक पहचानपत्र।
(इन सभी में से कोई एक पहचान पत्र दिखाने पर आप वोट दे सकेंगे।)
5. किसी और ने वोट डाल दिया तो क्या करें?
चुनाव आयोग के नियम में टेंडर वोट का प्रावधान है। इस नियम के तहत मतदान केंद्र पर पहुंचने पर अगर आपको ये पता चलता है कि आपका वोट पहले ही किसी ने डाल दिया है तो आप टेंडर वोट के जरिए उसे चुनौती दे सकते हैं। ऐसे परिस्थिति में आपको मतदान केंद्र पर मौजूद पीठासीन अधिकारी से शिकायत करनी होगी। पीठासीन अधिकारी आपसे जुड़े दस्तावेजों की पूरी जांच करेगा। यह जांच की जाएगी कि आपने जो दावा किया है क्या वह सही है? अगर आपका दावा सही निकलता है तो बैलेट पेपर के जरिए पीठासीन अधिकारी आपका टेंडर वोट डलवा सकता है। अगर आपका दावा गलत निकलता है तो फर्जीवाड़े के आरोप में आपको पुलिस के हवाले किया जा सकता है।