Jharkhand Assembly Election 2024 Result: हेमंत और कल्पना के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ लगातार दूसरी बार झारखंड में सत्ता हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। इस शानदार सफलता के साथ हेमंत और कल्पना राजनीति में ताकतवर दंपती बनकर उभरे हैं।
भाजपा ने चुनाव अभियान में जिस दंपती को बंटी और बबली नाम दिया दिया था, उसी दंपती हेमंत और कल्पना सोरेन ने अपने करिश्माई प्रदर्शन से उसे चुनावी जंग में चित कर दिया। हेमंत और कल्पना के नेतृत्व में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ लगातार दूसरी बार झारखंड में सत्ता हासिल करने में कामयाबी हासिल की है। इस शानदार सफलता के साथ हेमंत और कल्पना राजनीति में ताकतवर दंपती बनकर उभरे हैं।
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कल्पना पति हेमंत की गिरफ्तारी के बाद इस साल की शुरुआत में सक्रिय राजनीति में आई थीं। सोरेन दंपती ने विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद राज्य में करीब 200 चुनावी रैलियां की। चुनाव से पहले पार्टी के समक्ष आई चुनौतियों को देखते हुए यह प्रदर्शन काबिले तारीफ है। चुनाव से ठीक पहले झामुमो के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन, सीता सोरेन और लोबिन हेम्ब्रोम भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हेमंत की गिरफ्तारी के बाद पार्टी को एकजुट रहना और सरकार बचाए रखना बड़ी चुनौती थी। कल्पना ने इन चुनौतियों के बावजूद पार्टी को एकजुट रखा था और कार्यकर्ताओं में निराशा उत्पन्न नहीं होने दी। इसी का असर है कि पार्टी ने पिछली बार से भी अधिक सीटें हासिल की हैं। पार्टी को 2019 विधानसभा चुनाव में 30 सीटों पर जीत मिली थी।
हेलिकॉप्टर मैडम वाला दांव भी नहीं चला
कल्पना ने गांडेय विधानसभा सीट से जीत हासिल की है। चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा ने कल्पना को बाहरी बताने के लिए हेलिकॉप्टर मैडम का जुमला इस्तेमाल किया लेकिन विपक्ष को इसका लाभ नहीं मिला और जनता ने कल्पना को अपना समर्थन दिया।
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आदिवासी समुदाय पर मजबूत पकड़ साबित
दोबारा सत्ता में वापसी झामुमो की आदिवासी समुदाय के बीच सोरेन परिवार की मजबूत पकड़ को दिखाता है। झामुमो हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को भावनात्मक मुद्दा बनाकर आदिवासी समुदाय को अपने पाले में रखने में सफल रहा। चुनाव विश्लेषकों के अनुसार, सत्ता विरोधी भावना के बावजूद भाजपा इसका लाभ उठाने और सरकार बनाने में विफल रही।
कल्याणकारी योजनाओं और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को बनाया था मुद्दा
हेमंत-कल्पना के नेतृत्व में झामुमो ने चुनाव अभियान में कल्याणकारी योजनाओं और भाजपा की ओर से केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को मुख्य मुद्दा बनाया था। झामुमो सरकार की मैय्या सम्मान योजना का मतदाताओं पर प्रभाव पड़ा। इसमें 18-50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये की सहायता मिलती है तथा चुनाव बाद इसे बढ़ाकर 2,500 रुपये करने का वादा किया गया है। 1.75 लाख से अधिक किसानों के 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ किए। बकाया बिजली बिल माफ और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली की योजना शुरू की।
घुसपैठ और भ्रष्टाचार के आरोपों का नहीं हुआ असर
पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत शीर्ष भाजपा नेताओं ने हेमंत सोरेन के खिलाफ भ्रष्टाचार और बांग्लादेशी नागरिकों की घुसपैठ को मुद्दा बनाया लेकिन जनता पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ।