बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बायसी विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर 2020 में एआईएमआईएम से सैयद रुकनुद्दीन अहमद को जीत मिली थी। बाद में वह राजद में शामिल हो गए।
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो गई है। विपक्षी गठबंधन ने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर दिया है। तेजस्वी के चेहरा घोषित होते ही सत्ता पक्ष की ओर से उनके पिता के पुराने भ्रष्टाचार के मामलों को उठाया है। तेजस्वी को भी भ्रष्टाचार का आरोपी होने की बात कह के घेरा जा रहा है। वहीं, सत्ता पक्ष ने भी कहा है कि नीतीश कुमार के ही नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि, चुनाव बाद मुख्यमंत्री कौन होगा इस पर सत्ता पक्ष कुछ बोलने से बच रहा है। दावों प्रतिदावों का सिलसिला भी जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बायसी विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट पर दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे।
कब है बिहार में चुनाव
243 विधानसभा सीटों के लिए दो चरण में- 6 नवंबर और 11 नवंबर को मतदान होगा। 14 नवंबर को नतीजे आएंगे। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोटिंग होगी। इस बार राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें लगभग 14 लाख नए मतदाता शामिल हैं, जो पहली बार वोट डालेंगे।
पहले चरण में मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर, बक्सर जिलों में चुनाव होगा।
दूसरे चरण में पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, कैमूर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई जिलों में चुनाव होगा।
अब जानते हैं बायसी सीट के बारे में
बिहार के 38 जिलों में से एक किशनगंज जिला भी है। जिले में कुल 4 विधानसभा सीटें आती हैं। ठाकुरगंज विधानसभा सीटा किशनगंज लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के अंदर आती है। इसमें 6 विधानसभा सीट हैं। जिसमें बहादुरगंज, ठाकुरगंज, किशनगंज, कोचाधामन सीट किशनगंज जिले की है। आमौर और बायसी दो विधानसभा सीट पूर्णिया जिले की हैं। इस सीट पर सबसे पहले 1952 में चुनाव हुए थे।
कब कौन-कौन जीता चुनाव
1952, 1957- कांग्रेस के अबुल अहमद मोहम्मद नूर को मिली जीत
1962- प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के हसीबुर रहमान को मिली जीत
1977- कांग्रेस के हसीबुर रहमान यहां से जीते
1980- निर्दलीय सैयद मोइनुद्दीन अहमद यहां से जीते
1985- लोकदल के अब्दुस सुभान जीते
1990- जनता दल के अब्दुस सुभान जीते
1995- कांग्रेस के सैयद मोइनुद्दीन अहमद यहां से जीते
2000, 2005- राजद के अब्दुस सुभान को मिली जीत
2005 (अक्तूबर)- निर्दलीय उम्मीदवार सैयद रुकनुद्दीन अहमद को मिली जीत
2010- भाजपा के संतोष कुशवाह को मिली जीत
2014- उपचुनाव में राजद के अब्दुस सुभान को मिली जीत
2015- राजद के अब्दुस सुभान को एक बार फिर मिली जीत
2020- सैयद रुकनुद्दीन अहमद को एआईएमआईएम से जीत मिली। इसके बाद वह राजद में शामिल हो गए थे।
इस चुनाव में कौन-कौन मैदान में?
2020 में यहां से जीती एआईएमआईएम ने इस बार गुलाम सरवर को उम्मीदवार बनाया है। राजद ने एक बार फिर अब्दुस सुभान को टिकट दिया है। सुभान छह बार यहां से जीत चुके हैं। 2020 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। भाजपा के टिकट पर विनोद कुमार मैदान में हैं। वहीं, जन सुराज पार्टी ने मोहम्मद शाहनवाज आलम को टिकट दिया है।