Bye Elections: चुनाव आयोग ने मंगलवार को महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनावों के साथ ही देश भर में 14 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों और दो राज्यों की दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया। हालांकि, अलग-अलग कारणों के चलते एक लोकसभा सीट और तीन विधानसभा सीट के उपचुनाव की घोषणा नहीं की गई है।
चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दिया है। इसके साथ ही देश भर में 14 राज्यों की 48 विधानसभा सीटों और दो राज्यों की दो लोकसभा सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। हालांकि, एक लोकसभा सीट और तीन विधानसभा सीट रिक्त हैं और यहां उम्मीद थी कि चुनाव आयोग उपचुनाव की घोषणा करेगा लेकिन इस पर फैसला नहीं लिया गया है।
विज्ञापन
आइये जानते हैं कि कौन सी सीटें हैं जहां उपचुनाव की घोषणा नहीं हुई? ये सीटें किस वजह से रिक्त हैं? अभी इन सीटों पर उपचुनाव का एलान क्यो ंनहीं किया गया?
बशीरहाट लोकसभा सीट पर उपचुनाव अभी नहीं
यह लोकसभा सीट पश्चिम बंगाल की है। चुनाव आयोग के मुताबिक, बशीरहाट लोकसभा सीट का उपचुनाव अदालत में चुनौती के वजह से नहीं हो रहा है। हालांकि, बशीरहाट से तृणमूल सांसद हाजी नुरुल इस्लाम का 25 सितंबर को निधन हो गया। 61 वर्षीय तृणमूल कांग्रेस सांसद कैंसर से पीड़ित थे। इस सीट पर उपचुनाव का एलान चुनाव आयोग ने नहीं किया है। यहां उपचुनाव की घोषणा बाद में होगी। दरअसल, भाजपा उम्मीदवार रेखा पात्रा ने तृणमूल कांग्रेस की जीत को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी थी और मामला अभी अदालत में है।
इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र का नतीजा टीएमसी के पक्ष में गया था। यहां उसके उम्मीदवार हाजी नूरुल इस्लाम ने भाजपा की रेखा पात्रा को 3.3 लाख से अधिक मतों से हराया था। रेखा पात्रा ने ही बशीरहाट लोकसभा क्षेत्र के संदेशखली में महिलाओं के साथ हुई ज्यादती का मुद्दा उठाया था। यह क्षेत्र 5 जनवरी 2024 को उस वक्त चर्चा में आ गया जब निलंबित टीएमसी नेता शेख शाहजहां के परिसर के पास ईडी की टीम पर भीड़ ने हमला किया था।
मिल्कीपुर में अभी उपचुनाव नहीं
- फोटो : AMAR UJALA
अयोध्या के मिल्कीपुर में इस वजह से अभी उपचुनाव नहीं
उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर (एससी) विधानसभा सीट पर उपचुनाव का एलान नहीं किया गया है। दरअसल, पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने 2022 विधानसभा चुनाव को लेकर हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की है। गत विधानसभा चुनाव में हारने के बाद गोरखनाथ बाबा ने अवधेश प्रसाद के चुनाव जीतने को लेकर याचिका दायर की थी। जो अभी अदालत में लंबित है।
हाल के लोकसभा चुनाव के बाद जिन सीटों पर हार-जीत की सबसे ज्यादा चर्चा हुई उसमें फैजाबाद (अयोध्या) शामिल है। यूपी में भाजपा की सीटें कम होने के साथ अयोध्या जिले की फैजाबाद लोकसभा सीट पर भी हार का सामना करना पड़ा था। सपा उम्मीदवार अवधेश प्रसाद यहां से करीब 54 हजार मतों से जीत गए थे। लोकसभा का चुनाव जीतने वाले अवधेश प्रसाद 2022 में फैजाबाद जिले की मिल्कीपुर (सुरक्षित) सीट से जीते थे। उन्होंने भाजपा के गोरखनाथ को हराया था।
अब उपचुनाव के लिए सपा ने मिल्कीपुर सीट से सांसद अवधेश के बेटे अजीत को सपा से टिकट मिला है। वहीं भाजपा भी इस सीट पर अपनी चुनावी तैयारियों में जुटी हुई है। जिले के प्रभारी और प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के साथ संसदीय कार्य राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, खेल राज्यमंत्री गिरीश चंद यादव और खाद्य रसद राज्यमंत्री सतीश शर्मा की ड्यूटी यहां पर लगाई गई है। चारों मंत्री यहां का नियमित दौरा कर संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसके अलावा अन्य दलों की बात करें तो बसपा ने मिल्कीपुर सीट से रामसागर कोरी को अपना उम्मीदवार बनाया है।
न्यायालय ने देवीकुलम विधायक का निर्वाचन रद्द कर दिया था
केरल की देवीकुलम विधानसभा सीट भी रिक्त है, लेकिन यहां के विधायक रहे ए राजा की अयोग्यता का मामला कोर्ट में होने के कारण इस पर चुनाव का एलान नहीं किया है। मार्च, 2023 में केरल उच्च न्यायालय ने 2021 केरल विधानसभा चुनाव के दौरान देवीकुलम आरक्षित सीट से माकपा उम्मीदवार ए राजा का निर्वाचन रद्द कर दिया था। अदालत ने राजा को अनुसूचित जाति (एससी) आरक्षण के लिए अयोग्य पाया था क्योंकि उन्होंने एससी समुदाय को छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया था। दूसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार डी. कुमार ने राजा की जीत को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। माकपा नेता राजा ने उच्च न्यायालय के निर्वाचन रद्द करने के फैसले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी। सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर 2024 को माकपा नेता द्वारा उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
गुजरात की विसावदार सीट का मामला भी हाईकोर्ट में लंबित
गुजरात में जूनागढ़ जिले की विसावदार विधानसभा सीट भी रिक्त है, लेकिन इस सीट पर चुनाव का एलान नहीं किया है। 2022 के विधानसभा चुनाव में यहां से आम आदमी पार्टी के भूपत भयानी जीते थे लेकिन दिसंबर 2023 में वह भाजपा में शामिल हो गए थे। लोकसभा चुनाव 2024 के साथ गुजरात की छह खाली विधानसभा सीटों में से पांच ही के लिए उपचुनाव कराए गए थे। रिपोर्टों के अनुसार, विसावदार निर्वाचन क्षेत्र के लिए उपचुनाव घोषित नहीं किया गया था क्योंकि चुनाव से जुड़ी याचिकाएं हाईकोर्ट में लंबित थीं।
भयानी से हारने वाले भाजपा उम्मीदवार हर्षद रिबादिया ने भयानी की जीत और रिटर्निंग अधिकारी द्वारा नामांकन पत्र स्वीकार करने को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी। इसके अलावा हाईकोर्ट में चुनाव को चुनौती देते हुए इसी तरह की कुछ अन्य याचिकाएं भी दायर की गई थीं। भयानी के चुनाव को इस आधार पर चुनौती दी गई है कि भयानी जूनागढ़ तालुका के भेंसन गांव के सरपंच थे और उन्हें 2021 में जिला विकास अधिकारी ने पद से हटा दिया था। हटाने के आदेश को राज्य सरकार के सक्षम प्राधिकारी ने भी बरकरार रखा था। इसलिए नियम के अनुसार, वह पांच साल तक विधानसभा चुनाव लड़ने से अयोग्य हैं। याचिका में आगे कहा गया है कि भयानी नामांकन पत्र में अपने बेटे की संपत्ति और व्यवसाय की घोषणा करने में विफल रहे हैं। इसलिए, उनका चुनाव शून्य घोषित किया जाना चाहिए।