ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक (फाइल)
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ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) लगातार छठी बार सरकार बनाने के दावे कर रही है। हालांकि, यहां की 147 सदस्यीय विधानसभा के समीकरणों में बदलाव की बात कहते हुए भाजपा ने दावा किया है कि पूर्वी भारत के इस राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है। इस बार 17वीं विधानसभा का गठन होगा। जानिए, फिलहाल किस दल के पास कितनी सीटें हैं:
- बीजू जनता दल- 108
- भाजपा- 22
- कांग्रेस-09
- सीपीएम- 01
- निर्दलीय- 01
- पार्टी से निलंबित- 04
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग (फाइल)
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इन दो बड़े प्रदेशों के अलावा पूर्वोत्तर भारत में भी सियासी सरगर्मियां तेज हैं। सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी विधानसभा चुनाव कराए गए हैं। इन दोनों राज्यों में मतगणना दो जून को होगी। फिलहाल सिक्किम में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग की सरकार है। महज 32 विधानसभा सीटों वाले इस प्रदेश में 19 सीटें सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा के पास हैं। भाजपा के पास इस राज्य में 12 सीटें हैं। एक सीट सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट के पास है। इस बार के नतीजे और एग्जिट पोल से मिलने वाले संकेत बेहद रोचक हो सकते हैं।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (फाइल)
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अरुणाचल प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों पर मतदान 19 अप्रैल को कराए गए थे। फिलहाल इस राज्य में पेमा खांडू मुख्यमंत्री हैं। दो जून की मतगणना के बाद इस राज्य में आठवीं विधानसभा का गठन होगा। भाजपा के पास इस राज्य में 43 सीटें हैं। छह सीटों के साथ जनता दल इस राज्य में दूसरा सबसे बड़ा दल है। नेशनल पीपुल्स पार्टी और कांग्रेस के खाते में तीन-तीन विधानसभा सीटें हैं, जबकि तीन विधायक निर्दलीय हैं। पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल और जनता दल (सोशलिस्ट) के पास एक-एक सीट है। भाजपा की मजबूत सियासी स्थिति को देखते हुए इस राज्य के चुनाव परिणाम पर भी नजरें रहेंगी। एग्जिट पोल में इस प्रदेश के रुझान भी रोचक होंगे।