लोकसभा चुनाव 2024
- फोटो : AMAR UJALA
देश में इस वक्त चुनाव की सरगर्मी है। 19 अप्रैल से लेकर 1 जून तक सात चरणों में लोकसभा के चुनाव होने हैं। पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पहले चरण में 21 राज्यों की 102 सीटों के लिए 19 अप्रैल को मतदान होगा।
इस बीच, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के हलफनामे का विश्लेषण किया है। पहले चरण में कुल 1625 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें से 1618 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया गया है। सात उम्मीदवारों के शपथ पत्र स्पष्ट नहीं होने के कारण उनके हलफनामों को विश्लेषण नहीं हो सका है।
एडीआर ने सोमवार को जारी किए एक विश्लेषण में बताया है कि पहले चरण में 1618 उम्मीदवारों से 252 (16%) पर आपराधिक मामले चल दर्ज हैं। वहीं 450 (28%) उम्मीदवार करोड़पति हैं जबकि उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति ₹4.51 करोड़ है। आइये जानते हैं कि एडीआर की रिपोर्ट में क्या-क्या है?
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उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि
1618 में से 252 (16 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये हैं। 1618 में से 161 (10 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किये हैं। 15 उम्मीदवारों ने अपने ऊपर दोषसिद्ध मामले घोषित किये हैं। सात उम्मीदवारों ने अपने ऊपर हत्या (आईपीसी-302) से सम्बन्धित मामले घोषित किये हैं। महिलाओं के ऊपर अत्याचार से जुड़े मामले घोषित करने वाले उम्मीदवार 18 हैं। इन 18 में से एक उम्मीदवार के ऊपर दुष्कर्म (आईपीसी-376) से जुड़ा मामला दर्ज है। इसके अलावा, भड़काऊ भाषण से जुड़े मामले घोषित करने वाले कुल 35 उम्मीदवार हैं।
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दलवार आंकड़े क्या हैं?
पहले चरण में बिहार की पार्टी राजद के सभी चार उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं, डीएमके के 22 में से 13, सपा के सात में से तीन, तृणमूल कांग्रेस के पांच में से दो, भाजपा के 77 में से 28, अन्नाद्रमुक के 36 में से 13, कांग्रेस के 56 में से 19 और बसपा के 86 में से 11 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
राजद के चार में से दो, डीएमके के 22 में से छह, सपा के सात में से दो, तृणमूल कांग्रेस के पांच में से एक उम्मीदवार ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किये हैं। वहीं भाजपा के 14, अन्नाद्रमुक के छह, कांग्रेस के आठ और बसपा के आठ प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले हैं।
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उम्मीदवारों की संपत्ति का लेखा-जोखा
1618 में से 28 प्रतिशत यानी 450 उम्मीदवार करोड़पति हैं। भाजपा के 77 में से 69, कांग्रेस के 56 में से 49, राजद के चार में से चार, अन्नाद्रमुक के 36 में से 35, द्रमुक के 22 में से 21, तृणमूल कांग्रेस के पांच में से चार और बसपा के 86 में से 18 उम्मीदवार करोड़पति हैं। चुनावी हलफनामों में इन प्रत्याशियों ने एक करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित की है।
| संपत्ति का मूल्य (₹) |
उम्मीदवारों की संख्या |
उम्मीदवारों का % |
| 5 करोड़ और उससे अधिक |
193 |
12% |
| 2 करोड़ से रुपये 5 करोड़ तक |
139 |
9% |
| 50 लाख से 2 करोड़ तक |
277 |
17% |
| 10 लाख से 50 लाख तक |
436 |
27% |
| 10 लाख से कम |
573 |
35% |
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हर उम्मीदवार के पास औसतन 4.51 करोड़ की दौलत
लोकसभा चुनाव 2024 के पहले चरण में हर उम्मीदवार के पास औसतन 4.51 करोड़ की संपत्ति है। दलवार आंकड़ों पर गौर करें तो अन्नद्रमुक के 36 उम्मीदवारों की सबसे ज्यादा औसतन संपत्ति 35.61 करोड़ की संपत्ति है।
| दल |
कुल उम्मीदवार |
औसत संपत्ति (करोड़ रुपये) |
| द्रमुक |
36 |
35.61 |
| अन्नाद्रमुक |
22 |
31.22 |
| कांग्रेस |
56 |
27.79 |
| भाजपा |
77 |
22.37 |
| राजद |
4 |
8.93 |
| सपा |
7 |
6.67 |
| तृणमूल कांग्रेस |
5 |
3.72 |
इसके बाद द्रमुक के 22 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 31. 22 करोड़, कांग्रेस के 56 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 27.79 करोड़, भाजपा के 77 उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 22.37 करोड़, राजद के चार उम्मीदवारों की औसतन संपत्ति 8.93 करोड़ है। वहीं, सपा के सात उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 6.67 करोड़ और तृणमूल कांग्रेस के 5 उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 3.72 करोड़ बताई गई है।
नकुल नाथ नामांकन दाखिल करते हुए।
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नकुल नाथ सबसे अमीर प्रत्याशी
पहले चरण में सबसे ज्यादा संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ के बेटे नकुल नाथ हैं। छिंदवाड़ा से कांग्रेस प्रत्याशी ने कुल 716 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। इस मामले में दूसरे स्थान पर अन्नाद्रमुक के अशोक कुमार हैं। तमिलनाडु की इरोड सीट से चुनाव लड़ रहे कुमार ने अपने हलफनामे में 662 करोड़ की दौलत बताई है। तीसरे सबसे धनी प्रत्याशी भाजपा के देवनाथन यादव हैं। तमिलनाडु की शिवगंगा सीट से चुनाव लड़ रहे देवनाथन की संपत्ति 304 करोड़ की है।
तीन उम्मीदवारों की संपत्ति 300 से 500 रुपये की
10 उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति शून्य घोषित की है। वहीं तीन उम्मीदवारों ने अपनी संपत्ति 300 से 500 रुपये के बीच की बताई है। 320 रुपये के साथ के. पोनराज सबसे कम संपत्ति घोषित करने वाले उम्मीदवार हैं। वह तमिलनाडु की थूथुकुडी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, दो निर्दलीय उम्मीदवारों- कार्तिक गेंदलालजी डोके और सुरियामुथु ने अपनी संपत्ति महज 500 रुपये की घोषित की है। कार्तिक महाराष्ट्र की रामटेक (SC) जबकि सुरियामुथु तमिलनाडु की चेन्नई उत्तर सीट से प्रत्याशी हैं।
39% उम्मीदवारों की पढ़ाई 5वीं और 12वीं के बीच
तमाम उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता की बात करें तो 639 (39 प्रतिशत) उम्मीदवार 5वीं और 12वीं के बीच पढ़ाई किए हुए हैं। 836 (52 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता स्नातक और इससे ज्यादा बताई है। 77 उम्मीदवार डिप्लोमा धारक हैं। 36 उम्मीदवार साक्षर जबकि 26 उम्मीदवार अनपढ़ भी हैं। चार उम्मीदवारों ने अपनी शैक्षिक योग्यता घोषित नहीं की है।
उम्मीदवारों की आयु के आंकड़े देखें तो 505 (31 प्रतिशत) उम्मीदवार 25 से 40 वर्ष के बीच के हैं। 849 (52 प्रतिशत) प्रत्याशी 41 से 60 वर्ष के बीच हैं। 260 (16 प्रतिशत) उम्मीदवारों की आयु 61 से 80 वर्ष है। चार उम्मीदवारों की आयु 80 वर्ष से अधिक है। चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व देखें तो पहले चरण में 136 यानी महज 8 प्रतिशत महिला उम्मीदवार हैं।