फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में शुरू हुआ 112, जानें कितने काम का है यह नंबर

Mon, 28 Oct 2019 08:53 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में भी नंबर 112 शुरू हो गया है। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में इस नंबर की शुरुआत की है। उत्तर प्रदेश से पहले यह नंबर देश के अन्य कुछ राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में भी लागू है। इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) के तहत इसे लागू किया गया है।

विज्ञापन


यह नंबर है क्या और कितने काम का है? यह किस तरह आपकी मदद कर सकता है? इसे याद रखना हर शख्स के लिए क्यों जरूरी है? इसके जरिए आपको कौन-कौन सी सेवाएं मिल सकती हैं? इन सभी सवालों के जवाब आगे पढ़ें।

क्या है 112

112 एक इमरजेंसी नंबर है, जिसे अमेरिका के 911 के तर्ज पर शुरू किया गया है। इसे भारत में ईआरएसएस के तहत लॉन्च किया गया है। बीते बुधवार को दिल्ली में इसकी शुरुआत करते हुए दिल्ली पुलिस के डीसीपी (ऑपरेशन एंड कम्युनिकेशन) एसके सिंह ने कहा कि 'कई सारे इमरजेंसी नंबर याद रखना मुश्किल होता है। खासकर तब जब आप एक राज्य या केंद्रशासित प्रदेश से दूसरी जगह सफर कर रहे हों। यह नंबर लोगों की परेशानी कम करेगा।'

गौरतलब है कि देश में पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन सेवाओं से लेकर महिला व चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर तक अलग-अलग हैं। ये सारे नंबर हर किसी के लिए हर वक्त याद रखना मुश्किल है। इसका उपाय 112 है। आप इस एक नंबर से ये सभी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। इसे नेशनल इमरजेंसी नंबर भी कहा जा सकता है।

कैसे काम करता है 112, आप कैसे करें इस्तेमाल

फिलहाल देश में पुलिस के लिए 100, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 108, अग्निशमन सेवाओं के लिए 101, महिला हेल्पलाइन के लिए 1091 और 181, चाइल्ड हेल्पलाइन के लिए 1098 नंबर हैं। इन सभी को 112 के अंतर्गत लाया गया है। यानी 112 डायल कर आप किसी भी इमरजेंसी सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

इसके लिए '112 India' एप भी लॉन्च किया गया है। इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर आप रजिस्टर कर सकते हैं। इसके जरिए भी आप किसी तरह की आपातकालीन परिस्थिति में मदद ले सकते हैं।

2012 के निर्भया मामले से जुड़ा है नंबर-112

विज्ञापन

नंबर '112' साल 2012 में दिल्ली में हुए निर्भया मामले से जुड़ा है। उस घटना के बाद ही ईआरएसएस सिस्टम शुरू करने का फैसला लिया गया था। 

इस संबंध में गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि 'ईआरएसएस दिसंबर 2012 में हुई निर्भया की दुखद घटना के संदर्भ में जस्टिस वर्मा कमेटी की कई सिफारिशों में से एक है। इसके तहत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्स सिस्टम (ERSS) के राष्ट्रीय प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। इसके लिए 321.69 करोड़ रुपये का बजट भी आवंटित किया जा चुका है, ताकि देश भर में एक इमरजेंसी नंबर 112 को हर तरह के आपातकाल के लिए लागू किया जा सके।'

कहां-कहां लागू है 112

ईआरएसएस लागू करने वाला पहला राज्य हिमाचल प्रदेश है। यहां नवंबर 2018 में इसकी शुरुआत की गई थी। इसके अलावा नागालैंड, पुड्डुचेरी, दमन व दीव, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली और दिल्ली में भी 112 को लॉन्च किया जा चुका है। आगे देश के कई अन्य राज्यों में यह नंबर शुरू कर दिया जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें