नहीं टाली जा सकती थी बोर्ड परीक्षाएं
12वीं परीक्षा के आधार पर ही उच्च शिक्षा के लिए छात्र आवेदन करते हैं। ऐसे में सत्र 2021-22 के लिए कोरोना की दूसरी लहर - अप्रैल-मई, 2021 के बाद छात्र और अभिभावक बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर बहुत चिंतित थे। योजनाबद्ध तरीके से सरकार ने सभी एजेंसियों के साथ मिलकर 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर एक नीति पर काम शुरू किया। उन छात्रों के लिए जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भी देनी थी, उनके लिए भी 12वीं कक्षा के अंक व नतीजे बहुत मायने रखते हैं। ऐसे में जून 2021 से ही ठोस नियम तैयार करने पर काम शुरू हो गया।
50 फीसदी पाठ्यक्रम ही हुए कवर
सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में बताया गया कि प्रत्येक टर्म में 50 फीसदी पाठ्यक्रम कवर किए गए। विशेष रूप से, सीबीएसई ने पहले ही कक्षा 10 और 12 दोनों के लिए पाठ्यक्रम में 30 फीसदी की कटौती की गई। सीबीएसई कक्षा 10, 12 बोर्ड परीक्षा 2022 टर्म -1 परीक्षा में केस-आधारित और कथन व तर्क प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) पूछने की तैयारी की गई।वहीं, परीक्षा की समय अवधि 90 मिनट निर्धारित हुई।
आंतरिक मूल्यांकन के लिए अलग नीति हुई तैयार
आंतरिक मूल्यांकन के लिए, सीबीएसई कक्षा 10 के छात्रों को छात्र संवर्धन पोर्टफोलियो, व्यावहारिक कार्य, बोलने और सुनने की गतिविधियों के अलावा तीन पीरियोडिक टेस्ट के लिए उपस्थित होने जैसे नियम तैयार किए गए। इसके अलावा, कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए हर विषय के अंत में छात्रों के यूनिट टेस्ट, खोजपूर्ण गतिविधियों, व्यावहारिक और परियोजनाओं के लिए उपस्थित होने का नियम तैयार किया गया।
0.77 से 0.88 अंक का मूल्यांकन स्कीम
10वीं और 12वीं के विभिन्न विषयों के नवंबर व दिसंबर, 2021 में टर्म-1 बोर्ड परीक्षा की डेट शीट तैयार की गई। इन परीक्षाओं में कुल 40 अंकों के लिए 60 में से किसी पेपर में 50 सवाल को हल करना था। तो किसी पेपर में 55 सवालों में से 45 सवालों के जवाब देने की नियमावली तैयारी की गई। कई पेपर में 0.77 अंक व 0.88 अंक प्रत्येक सवाल के देने की मूल्यांकन स्कीम निर्धारित की गई। अकाउंट्स, फिजिक्स जैसे कई विषयों में इस तरह से मार्किंग स्कीम को सुनिश्चित किया गया। छात्रों का पूरा पेपर एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित था। कई पेपर में थोड़े पेचीदा प्रश्न भी पूछे गए। जिसके कारण छात्रों को प्रश्नों को समझने में थोड़ी उलझन भी हुईं।
ओएमआर शीट से छात्रों का अभ्यास करवाया गया
बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ ओएमआर शीट के जरिए जवाब देने का नियम तैयार हुआ। छात्रों को ओएमआर शीट में जवाब देने का प्रशिक्षण दिया गया। कई दिनें तक स्कूलों और सीबीएसई के अधिकारियों की तरफ से छात्रों अभ्यास करवाया। प्रतियोगी परीक्षाओं में जैसे बॉल पेन के जरिए बहुविकल्पीय प्रश्नों के चार विकल्पों में से किसी एक को मार्क करना होता है। इस तरह से परीक्षा पैटर्न तैयार हुआ। शुरुआत में छात्रों को ओएमआर शीट से जवाब देने में दिक्कत भी हुईं। लेकिन शिक्षकों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने बच्चों को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया।