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Year Ender 2021: कोरोना काल से सबक लेकर सीबीएसई ने बदला एग्जाम पैटर्न, दो टर्म में होने लगीं परीक्षाएं

Thu, 23 Dec 2021 07:04 PM IST
राहुल मानव एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

दो टर्म में 10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षाओं को बांटा गया, 50 फीसदी पाठ्यक्रम के साथ प्रत्येक टर्म में बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन पर मुहर लगी। कोरोना महामारी के कारण यह अहम फैसला लिया गया। पहली बार बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे गए। 
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Year Ender 2021: सीबीएसई ने एग्जाम पैटर्न बदला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोरोना महामारी के चलते परीक्षाओं के पैटर्न में वर्ष 2022 में बड़ा बदलाव किया। जिससे छात्रों के हितों की रक्षा हो सके और उनके साल की पढ़ाई बिल्कुल भी व्यर्थ न जाए। सत्र 2020-21 के लिए 10वीं और 11वीं कक्षा के अंक और 12वीं कक्षा के यूनिट टेस्ट के तहत 2020 के रिजल्ट की घोषणा की गई।

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इसी तरीके से मई 2021 में 10वीं-12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के डेटशीट तैयार करते हुए तिथियों को जारी किया गया था। लेकिन कोरोना महामारी की दूसरी लहर के कारण बोर्ड परीक्षाओं को शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्थगित करना पड़ा। इसकी घोषणा स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी।
इसके बाद हालात सामान्य होने के बाद जून 2021 के बाद सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मिलकर बोर्ड परीक्षाओं को लेकर एक नीति तैयार की। जिसके बाद पहली बार देश में सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को दो टर्म में बांटा गया। टर्म-1 बोर्ड परीक्षा नवंबर-दिसंबर,2021 में और टर्म-2 परीक्षा को मार्च-अप्रैल,2022 में आयोजित करने के फैसले पर मुहर लगी।

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नहीं टाली जा सकती थी बोर्ड परीक्षाएं

12वीं परीक्षा के आधार पर ही उच्च शिक्षा के लिए छात्र आवेदन करते हैं। ऐसे में सत्र 2021-22 के लिए कोरोना की दूसरी लहर - अप्रैल-मई, 2021 के बाद छात्र और अभिभावक बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर बहुत चिंतित थे। योजनाबद्ध तरीके से सरकार ने सभी एजेंसियों के साथ मिलकर 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर एक नीति पर काम शुरू किया। उन छात्रों के लिए जिन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं में भी देनी थी, उनके लिए भी 12वीं कक्षा के अंक व नतीजे बहुत मायने रखते हैं। ऐसे में जून 2021 से ही ठोस नियम तैयार करने पर काम शुरू हो गया।

 

50 फीसदी पाठ्यक्रम ही हुए कवर

सीबीएसई द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में बताया गया कि प्रत्येक टर्म में 50 फीसदी पाठ्यक्रम कवर किए गए। विशेष रूप से, सीबीएसई ने पहले ही कक्षा 10 और 12 दोनों के लिए पाठ्यक्रम में 30 फीसदी की कटौती की गई। सीबीएसई कक्षा 10, 12 बोर्ड परीक्षा 2022 टर्म -1 परीक्षा में केस-आधारित और कथन व तर्क प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) पूछने की तैयारी की गई।वहीं,  परीक्षा की समय अवधि 90 मिनट निर्धारित हुई।

 

आंतरिक मूल्यांकन के लिए अलग नीति हुई तैयार

आंतरिक मूल्यांकन के लिए, सीबीएसई कक्षा 10 के छात्रों को छात्र संवर्धन पोर्टफोलियो, व्यावहारिक कार्य, बोलने और सुनने की गतिविधियों के अलावा तीन पीरियोडिक टेस्ट के लिए उपस्थित होने जैसे नियम तैयार किए गए। इसके अलावा, कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए हर विषय के अंत में छात्रों के यूनिट टेस्ट, खोजपूर्ण गतिविधियों, व्यावहारिक और परियोजनाओं के लिए उपस्थित होने का नियम तैयार किया गया। 

 

0.77 से 0.88 अंक का मूल्यांकन स्कीम

10वीं और 12वीं के विभिन्न विषयों के नवंबर व दिसंबर, 2021 में टर्म-1 बोर्ड परीक्षा की डेट शीट तैयार की गई। इन परीक्षाओं में कुल 40 अंकों के लिए 60 में से किसी पेपर में 50 सवाल को हल करना था। तो किसी पेपर में 55 सवालों में से 45 सवालों के जवाब देने की नियमावली तैयारी की गई। कई पेपर में 0.77 अंक व 0.88 अंक प्रत्येक सवाल के देने की मूल्यांकन स्कीम निर्धारित की गई। अकाउंट्स, फिजिक्स जैसे कई विषयों में इस तरह से मार्किंग स्कीम को सुनिश्चित किया गया। छात्रों का पूरा पेपर एनसीईआरटी की किताबों पर आधारित था। कई पेपर में थोड़े पेचीदा प्रश्न भी पूछे गए। जिसके कारण छात्रों को प्रश्नों को समझने में थोड़ी उलझन भी हुईं।

 

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ओएमआर शीट से छात्रों का अभ्यास करवाया गया

बहुविकल्पीय प्रश्नों के साथ ओएमआर शीट के जरिए जवाब देने का नियम तैयार हुआ। छात्रों को ओएमआर शीट में जवाब देने का प्रशिक्षण दिया गया। कई दिनें तक स्कूलों और सीबीएसई के अधिकारियों की तरफ से छात्रों अभ्यास करवाया। प्रतियोगी परीक्षाओं में जैसे बॉल पेन के जरिए बहुविकल्पीय प्रश्नों के चार विकल्पों में से किसी एक को मार्क करना होता है। इस तरह से परीक्षा पैटर्न तैयार हुआ। शुरुआत में छात्रों को ओएमआर शीट से जवाब देने में दिक्कत भी हुईं। लेकिन शिक्षकों की मेहनत रंग लाई और उन्होंने बच्चों को बेहतर ढंग से प्रशिक्षित किया। 

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