कैसे हुई विश्व बांस दिवस की शुरूआत?
‘वर्ल्ड बैम्बू डे’ को मनाने की शुरुआत साल 2009 में ‘वर्ल्ड बैम्बू ऑर्गेनाइजेशन’ ने की थी। बांस उगाने व इसके इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए यह दिन मनाया जाता है। बांस केवल खाने या चीजें बनाने के ही काम नहीं आता बल्कि इसके कई और फायदे भी हैं। आज विश्व बांस दिवस पर यहां आप इससे जुड़े कुछ दिलचस्प तथा रोचक तथ्य जान सकते हैं।
खाने के काम भी आता है बांस
कई जगहों पर बांस को खाया जाता है। पांडा के अलावा इंसान भी इसे खाते हैं। बैंबू के ‘शूट्स’ का सेवन स्टू, सूप, ग्रेवी, अचार और सलाद के तौर पर किया जाता है। बांस सबसे अधिक दक्षिण-पूर्व एशिया, भारतीय उप-महाद्वीप और प्रशांत महासागर के द्वीपों पर पाए जाते हैं। यह कटाई के बाद स्वत: पैदा हो जाता है।
Fastest Growing Plant In the World:सबसे तेजी से बढ़ने वाला पौधा है बांस
पृथ्वी पर बांस सबसे तेजी से बढ़ने वाला पौधों में से एक है। बांस की कुछ प्रजातियां प्रतिदिन लगभग 1 मीटर तक बढ़ सकती हैं। बांस इमारती लकड़ी यानी टिंबर भी अर्पित करता है। बांस के जंगल बाकी पेड़ों के जंगलों की तुलना में बहुत तेजी से विकसित हो जाते हैं।
सबसे तेजी से बढ़ने वाले पौधे का विश्व रिकार्ड बांस की 45 प्रजातियों में से कुछ प्रजातियों के नाम है, जो प्रतिदिन 91 सेमी (35 इंच) या 0.00003 किमी/घंटा (0.00002 मील प्रति घंटे) की दर से बढ़ते पाए गए हैं।
आरएचएस डिक्शनरी ऑफ गार्डनिंग के अनुसार, बांस की लगभग 1,000 प्रजातियां हैं। उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में सबसे ऊंचा बांस कथित तौर पर 40 मीटर (130 फीट) ऊंचा था, यूरोप और अमेरिका में 20-30 मीटर (65-98 फीट) सबसे ऊंचा बांस है।