जी.एस.टी. प्रैक्टिशनर एक ऐसा व्यक्ति होता है जो रिटर्न फाइल करने जैसे अनेक कार्यों को करने के लिए भारत सरकार से अनुमोदित एवं कर प्रदाता द्वारा कर भरने के लिये अधिकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानदण्डों पर खरा उतरने वाला व्यक्ति जी.एस.टी. प्रैक्टिशनर बनने के लिये आवेदन करता है और भारत सरकार के संबंधित विभाग द्वारा इसका आवेदन स्वीकृत कर लिए जाने के बाद उसका प्रमाण-पत्र एवं प्रशिक्षण दिया जाता है उसके बाद वह व्यक्ति किसी अन्य करदाता की ओर से टैक्स सम्बन्धी कार्यों के लिये करदाता द्वारा अधिकृत किया जा सकता है।
जी.एस.टी. प्रैक्टिशनर करदाता की तरफ से निम्नलिखित कार्य करता है:- बाह्य आपूर्ति (आउटवर्ड सप्लाई) एवं आवेश आपूर्ति (इनवर्ड सप्लाई) का ब्यौरा देना, मासिक तथा त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करना, वार्षिक या अंतिम रिटर्न दाखिल करना, रिफंड के लिए आवेदन करना, जी.एस.टी. पंजीकरण के संशोधन के लिए आवेदन फाइल करना, जी.एस.टी. पंजीकरण रद्द करने जैसे कई कार्य जी.एस.टी. प्रैक्टिशनर को करने होते है।
शैक्षणिक एवं सामान्य योग्यता -
कोई भी व्यक्ति जो भारत सरकार द्वारा निर्धारित शैक्षणिक एवं सामान्य मानदण्डों पर खरा उतरता हो, वह व्यक्ति जी.एस.टी. प्रैक्टिशनर बनने के लिए आवेदन कर सकता है। उसके लिए आवश्यक योग्यता इस प्रकार है: व्यक्ति आवश्यक रूप से भारत का नागरिक हो, व्यक्ति का साउंड माइंड होना आवश्यक है ( साउंड माइंड से तात्पर्य सोचने एवं कारणों का विश्लेषण करने एवं समझने की क्षमता से है), व्यक्ति दिवालिया न हो, किसी भी कोर्ट द्वारा किसी अपराध के लिये दोषी न ठहराया गया हो।
अनुभव संबंधित योग्यता -
- कोई भी व्यक्ति जो राज्य वाणिज्य कर विभाग या केन्द्रीय सीमा शुल्क विभाग से सेवानिवृत्त व्यक्ति जो कम से कम दो साल के लिए अपने कार्यकाल में अपने समूह बी राजपत्रित अधिकारी की रैंक या उसके आसपास की रैंक में रहा हो।
- कोई भी व्यक्ति जिसने वाणिज्य, कानून, या बैंकिंग में स्नातक या स्नातक की डिग्री किसी कानूनी रूप से स्थापित यूनिवर्सिटी से हासिल की हो। इसमें एम.बी.ए., बिजनेस मैनेजमेंट को भी सम्मिलित किया गया है।
- वह व्यक्ति जिसने इस प्रयोजन हेतु सरकार द्वारा अधिसूचित कोई परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
- वह व्यक्ति जिसने किसी भारतीय विश्वविद्यालय से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की हो तथा निम्नलिखित परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
1 : भारत के चार्टर अकाउंटेट्स द्वारा आयोजित अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
2 : भारत की लागत लेखा संस्थान के अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण की हो।
उपर्युक्त योग्यता वाला कोई भी व्यक्ति जी.एस.टी. के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके जी.एस.टी. प्रैक्टिश्नर बन सकता है। एक जी.एस.टी. प्रैक्टिश्नर बनने के बाद आप एक वर्ष के अंदर प्रति माह बड़ी सुगमता से 30 से 50 हजार प्रतिमाह तथा इससे अधिक भी कमा सकते है। चूंकि जी.एस.टी. एक विशेषज्ञ प्रकृति का कार्य है, अतः जी.एस.टी. प्रैक्टिश्नर को एक्ट की जितनी अच्छी जानकारी होगी एंव रिटर्न फाइल करने एवं रिफण्ड के लिए आवेदन करने जैसे अनेक कार्यो की अप-टू डेट जानकारी होगी उतना ही उसकी इनकम बढती जाएगी।
जी.एस.टी. अपार संभावनाओं से भरा हुआ क्षेत्र है जहां अच्छा ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए आगे बढने और अच्छी आय की अपार संभावना है। जी.एस.टी. एक अनंत आकाश की तरह है, जहां विशेषज्ञ योग्यता रखने वाले व्यक्ति के लिये अवसर ही अवसर हैं।