जब से देश की संसद में नागरिकता कानून (Citizenship Act) 2019 पारित हुआ है, तब से ही इसे लेकर दिल्ली समेत देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ये प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि सरकार इस कानून को रद्द करे। लेकिन केंद्र सरकार ने साफ तौर पर कह दिया है कि वह इस पर पीछे नहीं हटेगी। इस बीच कई जगहों पर नागरिकता कानून 2019 और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC - National Register of Citizens) को लेकर भ्रम भी फैलाए जा रहे हैं। देशवासियों के मन में भी इन दोनों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
इसलिए हम आपके सवालों के जवाब लेकर आए हैं। यहां हम आपको बता रहे हैं कि नागरिकता कानून और एनआरसी दरअसल है क्या और इन दोनों में क्या अंतर है।
आसान शब्दों में ये कहा जा सकता है कि इस कानून के जरिए मुस्लिम बहुसंख्यक पड़ोसी देशों से आए गैर मुस्लिम लोगों को भारत की नागरिकता देने के नियम आसान बनाए गए हैं।