केंद्र सरकार की योजनाओं पर भी हुई बात
राधाकृष्णन ने कहा कि हाल ही में शुरू हुई बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन जैसी परियोजनाएं और केंद्र की योजनाएं, जैसे उडान (UDAN) और PM‑DevINE, उत्तर-पूर्व को देश की मुख्यधारा से जोड़ने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें विकसित भारत के 'निर्माता' बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सुंदर पहाड़ियों के बीच स्थित मिजोरम विश्वविद्यालय यह दिखाता है कि शांति और उद्देश्य के साथ जुड़ी शिक्षा किस तरह परिवर्तन ला सकती है।
रोजगार के अवसर पैदा करने वाले बनें: राधाकृष्ण
उपराष्ट्रपति ने युवाओं से केवल नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार के अवसर पैदा करने की दिशा में काम करने का आह्वान किया। उन्होंने पर्यटन, बांस आधारित उद्योग, ऑर्गेनिक खेती, हस्तशिल्प और डिजिटल सेवाओं को ऐसे क्षेत्र बताया जहां उत्तर-पूर्व वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकता है।
नशे की समस्या पर चिंता जताई
उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चिंता जताई और छात्रों से अपने समाज में नशे के खिलाफ अभियान चलाने की अपील की। साथ ही सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग और डिजिटल तकनीक को समाज के हित में इस्तेमाल करने की सलाह दी।
दीक्षांत समारोह में मिजोरम के राज्यपाल एवं मिजोरम विश्वविद्यालय के मुख्य रेक्टर जनरल (सेवानिवृत्त) विजय कुमार सिंह, मिजोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा, मिजोरम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर दिबाकर चंद्र डेका, संकाय सदस्य, विशिष्ट अतिथि, अभिभावक और स्नातक होने वाले विद्यार्थी उपस्थित थे।