स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के दीक्षांत समारोह के दौरान मेडिकल, पैरामेडिकल, नर्सिंग, प्रबंधन व इंजीनियरिंग के 802 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। डिग्री व सम्मान पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने छह गोल्ड मेडल पाने वाले छात्र-छात्रओं को पुरस्कृत किया।
एसआरएचयू में दीक्षांत समारोह का शुभारंभ उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, राज्यपाल डॉ. केके पाल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने छात्रों को शुभकामनाएं दी और कहा कि आने वाले तीन साल में प्रदेश की पहचान उच्च शिक्षा में निश्चित तौर पर सबसे अलग होगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एसआरएचयू की पहचान न केवल शिक्षा बल्कि संस्कारों से भी होती है। इसके बाद समारोह की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल डॉ. केके पाल ने कहा कि उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाए जाने की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा के माध्यम से युवाओं को रोजगार मांगने वाले के स्थान पर रोजगार प्रदान करने वाले वर्ग में बदला जा सकता है।
इसके लिए राज्य में उच्च शिक्षा में गुणात्मक सुधार करने होंगे। कुलपति डॉ. विजय धस्माना ने कहा कि स्वामी राम का सपना था कि प्रदेश के युवाओं को आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना होगा, ताकि प्रदेश से पलायन न हो।
सबको शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधा मिले। इस दिशा में एसआरएचयू निरंतर प्रगति कर रहा है। इस मौके पर डॉ. विजेंद्र चौहान, डॉ. प्रकाश केशवया, डॉ. सुनील सैनी, कुलसचिव नलिन भटनागर, डॉ. रेनू धस्माना, मुश्ताक अहमद, आरबीएस रावत, रोशन लाल, एससी कपूर, पीआर गोयल भी मौजूद रहे।