दरअसल ये शिक्षक प्रदेश के सरकारी स्कूलों की ढांचागत व बुनियादी सुविधाओं की कमी, कर्मचारियों की कमी को पूरा करने और शिक्षकों के लिए पेंशन की मांग कर रहे हैं। इसे लेकर उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ ने नवंबर में उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से बात भी की थी। लेकिन बातचीत विफल रही।
इसके बाद संघ ने 21 जनवरी को प्रदेश के सभी स्तर के विद्यालयों और महाविद्यालयों में तालाबंदी करने का निर्णय लिया है। साथ ही सामूहिक अवकाश लेकर शिक्षकों से जनपद स्तर पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है।
महासंघ के संयोजक व एमएलसी ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि शिक्षक महासंघ के प्रतिनिधि मंडल ने उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा से वार्ता की। इस पर उपमुख्यमंत्री ने महासंघ के ज्ञापन में सम्मिलित बिंदुओं पर चर्चा करने में असमर्थता व्यक्त कर दी। उन्होंने बताया कि शिक्षक समुदाय सरकार की उपेक्षा नीति से आहत है। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को शिक्षक सामूहिक अवकाश लेकर अपने-अपने जनपदों में प्रदर्शन करेंगे।
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शिक्षकों की मांगें
- सरकार पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करे
- निशुल्क चिकित्सा सुविधा का लाभ दे
- समान कार्य के लिए समान वेतन दे
- समान सेवा शर्तें प्रभावी बनाए
- रिक्त शिक्षकों के पदों को भरे
इसके अलावा भी कई मांगें हैं जिन्हें लेकर लाखों की तादाद में शिक्षक उत्तर प्रदेश की सड़कों पर उतरेंगे।