पर्याप्त संख्या में काउंटर बनाए जाएं और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए, ताकि किसी काउंटर पर भीड़ इकट्ठा न हो। साथ ही आवश्यक भौतिक संसाधन की व्यवस्था भी की जाए। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि किसी भी केंद्र में भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो। अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षा विभाग के अफसर संबंधित जिलाधिकारी से सतत संपर्क में बने रहें, ताकि किसी भी प्रकार की अनपेक्षित गतिविधि को रोका जा सके।
पहुंच तो जाएंगे, पर कहां ठहरेंगे अभ्यर्थी:
काउंसलिंग के लिए अभ्यर्थी संबंधित जिलों तक जैसे-तैसे पहुंच तो जाएंगे लेकिन कोविड-19 के मद्देनजर होटल, रेस्टोरेंट आदि बंद होने से अभ्यर्थियों के सामने ठहरने और भोजन आदि की दिक्कत आएगी। अभ्यर्थियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी हैं।
इन महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि मेरिट के अनुसार अगर उन्हें काउंसलिंग के लिए दूर के जिलों में जाना पड़ता है, तो उन्हें एक दिन पहले पहुंचना होगा और अगर काउंसलिंग वाले दिन नियुक्ति पत्र नहीं मिलता है। तो अगले दिन का इंतजार करना होगा। ऐसे में वह दो से तीन दिनों तक कहां ठहरेंगी। अभ्यर्थियों का कहना है कि कोविड-19 के कारण रिश्तेदार भी उन्हें अपने घर बुलाने से कतरा रहे हैं।