राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नोएडा, कोलकाता और रुड़की में ईपीएफओ सामाजिक सुरक्षा सहायक परीक्षा में बैठने आए तीन मुन्ना भाई को एआई टूल के माध्यम से पकड़ा है। यह परीक्षा शुक्रवार को आयोजित की गई।
अधिकारियों ने बताया कि नोएडा के सेक्टर 62 स्थित एक केंद्र पर परीक्षार्थियों के चेहरे की पहचान करने वाली मशीन लगाई गई थी। एक प्रत्याशी जब उससे से गुजरा तो अलार्म बज गया। इससे अधिकारियों को उसके असली परीक्षार्थी होने पर संदेह हुआ। इसके बाद उसकी आधार के माध्यम से जांच की गई, जिसमें उसकी तस्वीर सामने आ गई। इसके बाद अभ्यर्थी ने भी अपनी गलती स्वीकार कर ली और उसे पुलिस को सौंप दिया गया। इसी तरह का एक-एक मामला कोलकाता और रूड़की में भी पकड़ा गया, जहां अभ्यर्थी दूसरे की जगह परीक्षा देने आए थे।
अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा को पारदर्शी और नकल विहीन बनाने के लिए एनटीए ने कई उपाय किए हैं। नकली परीक्षार्थियों को पकड़ने के लिए एआई टूल का उपयोग किया जा रहा है। एजेंसी परीक्षा केंद्र पर प्रवेश और परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की पहचान के लिए एआई का उपयोग कर रही है।
आधार प्रमाणीकरण जांच में आवेदक की वास्तविक तस्वीर का पता चला
एनटीए ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी की टीम ने नोएडा, कोलकाता और रुड़की में नकल करने वालों को पकड़ा जो ईपीएफओ सामाजिक सुरक्षा सहायक परीक्षा देने आए थे। नोएडा सेक्टर 62 के एक परीक्षा केंद्र में, उम्मीदवार के लिए चेहरे की पहचान जांच में फेल हो गई। इससे संदेह हुआ। इसके बाद आधार प्रमाणीकरण जांच शुरू की गई, जिससे आवेदक की वास्तविक तस्वीर का पता चला। परीक्षा देने आए छात्र ने अपनी गलती स्वीकार कर ली और फिर उसे आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। इसी तरह कोलकाता और रुड़की में भी एक-एक मामले सामने आए और दो नकलची पकड़े गए।