उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी यूपीटीईटी 2026 पास करने वाले अभ्यर्थियों के लिए जरूरी खबर है। जिन उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों में नाम, पता या दूसरी जानकारी गलत दर्ज हो गई थी, उनके संशोधित प्रमाणपत्र जारी कर दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 हजार अभ्यर्थियों के प्रमाणपत्रों में अलग-अलग तरह की गलतियां थीं। ऐसे उम्मीदवारों को जानकारी सुधारने का मौका दिया गया था। अब संशोधन के बाद प्रमाणपत्र पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। अभ्यर्थी आयोग के पोर्टल पर जाकर लॉगिन कर सकते हैं और अपना नया प्रमाणपत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
जन्मतिथि में सुधार हुआ तो क्या करें?
संशोधित प्रमाणपत्र डाउनलोड करने से पहले उम्मीदवारों को लॉगिन से जुड़े निर्देश ध्यान से पढ़ने चाहिए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों की जन्मतिथि में सुधार किया गया है, उन्हें लॉगिन करते समय संशोधित यानी नई जन्मतिथि ही दर्ज करनी होगी। पुरानी जन्मतिथि डालने पर उनका प्रमाणपत्र नहीं खुलेगा। इसलिए उम्मीदवार पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनके आवेदन में कौन-सी जानकारी सुधारी गई है। लॉगिन करते समय अनुक्रमांक और सही जन्मतिथि भरें। अगर प्रमाणपत्र खुलने में परेशानी हो, तो दर्ज की गई जानकारी दोबारा जांचें और जरूरत पड़ने पर आधिकारिक पोर्टल के निर्देश देखें।
संशोधित प्रमाणपत्र कैसे डाउनलोड करें?
संशोधित प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर में आयोग का प्रमाणपत्र पोर्टल खोलें। इसके बाद मुख्य पृष्ठ पर यूपीटीईटी 2026 प्रमाणपत्र से जुड़े लिंक पर क्लिक करें। अब अपना अनुक्रमांक और सुधार के बाद वाली जन्मतिथि दर्ज करें। इसके बाद लॉगिन बटन दबाएं। प्रमाणपत्र स्क्रीन पर दिखाई देने लगेगा। उसमें अपना नाम, पता, जन्मतिथि और दूसरी जानकारी ध्यान से जांच लें। सब कुछ सही होने पर डाउनलोड बटन पर क्लिक करके पीडीएफ फाइल अपने फोन या कंप्यूटर में सुरक्षित कर लें। आगे जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल के लिए इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं।
सुधार के लिए कितना शुल्क देना पड़ा?
दी गई जानकारी के अनुसार, प्रमाणपत्र में गलत विवरण ठीक कराने के लिए 200 रुपये का सुधार शुल्क तय किया गया था। जिन उम्मीदवारों ने तय प्रक्रिया के तहत संशोधन कराया था, वे अब अपने संशोधित प्रमाणपत्र को पोर्टल पर जांच सकते हैं। प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के बाद उसमें दर्ज सभी जानकारियों का मिलान अपने दस्तावेजों से जरूर करें। यदि अब भी कोई गलती दिखाई देती है, तो आगे की प्रक्रिया जानने के लिए आयोग की आधिकारिक सूचना देखें। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे प्रमाणपत्र की पीडीएफ सुरक्षित रखें और उसकी एक अतिरिक्त प्रति भी अपने पास रखें, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर परेशानी न हो।
यूपीटीईटी 2026 का परिणाम कब आया था?
यूपीटीईटी 2026 की परीक्षा 2 से 4 जुलाई तक आयोजित की गई थी। इसका परिणाम 26 अगस्त को घोषित किया गया था। इसके बाद 7 सितंबर से परीक्षा में सफल 13 लाख से अधिक उम्मीदवारों के प्रमाणपत्र जारी होने शुरू हुए। प्रमाणपत्रों में नाम, पता या अन्य विवरण की गलतियां सामने आने के बाद आयोग ने ऑनलाइन सुधार की सुविधा दी थी। अब संशोधित प्रमाणपत्र उपलब्ध होने से संबंधित अभ्यर्थी अपनी सही जानकारी वाला प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे प्रमाणपत्र डाउनलोड करने के बाद सभी विवरण ध्यान से जांचें और आधिकारिक पोर्टल पर जारी निर्देशों का पालन करें।