फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UPSC: सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 16 जून तक स्थगित, लोकसभा चुनाव की वजह से यूपीएससी ने लिया फैसला

Wed, 20 Mar 2024 12:41 AM IST
गुलाम अहमद एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पहले 26 मई को होनी थी। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का चयन करने के लिए सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है।
विज्ञापन
UPSC CSE - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने लोकसभा चुनाव के कारण सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 16 जून तक के लिए स्थगित कर दी। भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा और भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों का चयन करने के लिए यूपीएससी की ओर से प्रतिवर्ष सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है। पहले यह परीक्षा 26 मई को होनी थी।

विज्ञापन


बयान में कहा गया है कि आम चुनाव के कार्यक्रम के कारण आयोग ने सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा- 2024 को स्थगित करने का निर्णय लिया है। यूपीएससी भारतीय वन सेवा परीक्षा-2024 के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट भी आयोजित करता है, जो 26 मई से 16 जून तक होनी थी। इसे भी स्थगित कर दिया गया था।

पिछले महीने जारी यूपीएससी अधिसूचना के अनुसार इस वर्ष की परीक्षा के जरिये लगभग 1,056 रिक्तियों को भरा जा सकता है। बता दें, लोकसभा चुनाव 19 अप्रैल से सात चरणों में होंगे। चुनाव नतीजे चार जून को घोषित किए जाएंगे।
विज्ञापन


मणिपुर में यूपीएससी कराना संभव नहीं...
मणिपुर सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट को बताया है कि इस साल राज्य में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा कराना संभव नहीं है। राज्य सरकार ने हिंसाग्रस्त मणिपुर के बाहर यह परीक्षा कराने पर सहमति दे दी। राज्य के मुख्य सचिव के पत्र को कोर्ट में रखा गया, जिसमें कहा गया है कि मणिपुर सरकार परीक्षार्थियों को राज्य के बाहर के परीक्षा केंद्रों पर आने-जाने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने पाया कि पिछले साल की तरह ही इस बार भी राज्य के बाहर परीक्षा का आयोजन किया जा सकता है। केंद्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने कहा कि मुख्य सचिव का पत्र एक बानगी है। मणिपुर में राज्य सरकार के अधिकारी और पुलिस अधिकारी तक सुरक्षित नहीं हैं।  

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें