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UPSC: इन परीक्षार्थियों ने इंजीनियरिंग की राह छोड़ चुना यूपीएससी का मार्ग

Wed, 05 Aug 2020 05:34 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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UPSC Civil Services Result
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IAS-IPS बनने के लिए मेहनत और लगन के साथ त्याग भी जरूरी होता है, इसके बिना सफलता पाना संभव नहीं होता। बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा-2019 के नतीजे घोषित हो गए हैं। परीक्षा में सफल होने वाले ज्यादातर परीक्षार्थी ऐसे हैं, जो मल्टीनेशनल कंपनियों में करोड़ों की सैलरी उठा रहे हैं और इन्होंने ऐसी गोल्डन नौकरी छोड़ यूपीएससी की राह पकड़ ली है। आगे पढ़ते हैं इनकी सफलता की कहानी-
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परीक्षार्थी का नाम: वैभव त्रिवेदी
पिता का नाम : भगवानदास
  • वैभव ने इस परीक्षा को दूसरे अटैम्प्ट में क्लीअर किया।
  • इन्होंने इससे पहले 2018 में भी परीक्षा दी थी लेकिन सिर्फ 7 अंक की कमी के कारण पीछे रह गए।
  • वैभव परीक्षा की तैयारी दिल्ली में रहकर की।
  • वैभव बीएचयू-आईआईटी के छात्र हैं और 2015 में एमटैक पासआउट हैं।
  • MNC में बढ़िया नौकरी होने के वाबजूद 2017 में नौकरी छोड़ बिना किसी कोचिंग के खुद से ही पढ़ाई कर परीक्षा दी और अब सफलता प्राप्त की।

परीक्षार्थी का नाम: मयंक गुर्जर
पिता का नाम : गोविंद गुर्जर

  • केमिकल इंजीनियर होने के वाबजूद पहले ही अटैम्प्ट में सफलता प्राप्त की।
  • मयंक खिरकिया के डेडगांव के रहने वाले हैं लेकिन स्नातक की डिग्री मुंबई आईआईटी से हासिल की है।
  • कॉलेज के बाद यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। 
  • पिता का साया मयंक के सिर से पहले ही उठ गया था।
  • IAS की तैयारी के लिए खान स्टडी ग्रुप (केएसजी) इंडिया ऑनलाइन बेस्ट है।
परीक्षार्थी का नाम: विनायक चामड़िया
पिता का नाम: संदीप चामड़िया
  • सिविल सर्विसेज की तैयारी के लिए एलएंडटी का कैंपस सिलेक्शन ठुकरा दिया। लेकिन पहले ही अटैम्प्ट में परीक्षा को पास किया।
  • इंजीनियर के छात्र थे फिर भी समाजशास्त्र विषय चुना।
  • खुद से दिन में 8 से 10 घंटे पढ़ाई कर नोट्स बनाएं। 
  • बता दें कि विनायक की उम्र सिर्फ 24 वर्ष है। वे एनआईटी कुरुक्षेत्र से 2018 में सिविल इंजीनियरिंग में पास किया है।
  • विनायक के पिता यानि संदीप चामड़िया, शुगर मर्चेन्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष हैं।
परीक्षार्थी का नाम: आशीष सिंह
पिता का नाम : बीएन सिंह
  • आशीष ने परीक्षा दूसरे अटैम्प्ट में पास की है।
  • वे 2017 में आईआईटी दिल्ली से टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले आशीष ने कैंपस सिलेक्शन छोड़ दिया।
  • कॉलेज के दौरान ही सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू कर दी थी।
  • आशीष की मां गृहिणी और पिता रेलवे में अधीक्षक हैं।
  • वे रोज परीक्षा के लिए छह घंटे पढ़ाई करते थे।
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