समय पर होती परीक्षा तो आ चुका होता अंतिम परिणाम
अगर पीसीएस-2024 की परीक्षा समय पर हो गई होती, तो अब तक इसका अंतिम परिणाम भी घोषित हो चुका होता। आयोग ने पीसीएस-2023 का चयन परिणाम प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन से नौ माह के भीतर घोषित कर दिया था और पीसीएस-2024 के लिए आयोग की योजना आठ माह में परिणाम घोषित करने की थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। आयोग के आज के फैसले के बाद यह परीक्षा चौथी बार स्थगित हो चुकी है।
पहली बार कब स्थगित हुई परीक्षा?
शुरुआत में पीसीएस प्रारंभिक-2024 परीक्षा आयोग के कैलेंडर में 17 मार्च को होनी थी, लेकिन इससे पहले 11 फरवरी को हुई आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा में पेपर लीक होने से आयोग को कैलेंडर में शामिल पीसीएस सहित पांच परीक्षाएं स्थगित करनी पड़ गई थीं।
दूसरी बार तिथि घोषित होने भी नहीं पाई
पहली बार पीसीएस परीक्षा स्थगित होने पर इसे जून में प्रस्तावित किया गया, लेकिन समय पर परीक्षा नहीं कराई जा सकी।
तीसरी बार अक्तूबर में होनी निर्धारित हुई
इसके बाद पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 27 अक्तूबर को प्रस्तावित की गई लेकिन पर्याप्त संख्या में केंद्र उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण आयोग ने दो दिन 26 एवं 27 अक्तूबर को परीक्षा कराने के लिए प्रदेश के 51 जिलाधिकारियों से केंद्रों की सूची मांगी। हालांकि, आयोग ने अक्तूबर में प्रस्तावित पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा को भी स्थगित कर दिया।
चौथी बार भी स्थगित
अक्तूबर के बाद आयोग ने हाल ही में परीक्षा कैलेंडर जारी किया, जिसमें बताया गया कि परीक्षा 07 और 08 अक्तूबर को दो पालियों में आयोजित कराई जाएगी। कैलेंडर देखने के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और धरना प्रदर्शन किया गया। आयोग ने छात्रों के आगे झुकते हुए चौथी बार 14 नवंबर, 2024 परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय सुनाया। हालांकि, परीक्षा की नई तिथियों की घोषणा अभी तक नहीं की गई है।
अपने पूर्व निर्णय के पक्ष में ये थे आयोग के तर्क
आयोग ने पीसीएस परीक्षा के लिए "एक दिन, एक पाली" की मांग को मान लिया है। हालांकि, आयोग की ओर से दो दिन परीक्षा कराने के निर्णय के पक्ष में निम्नलिखित तर्क दिए गए थे:
- उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षाओं की शुचिता एवं छात्रों के भविष्य को संरक्षित करने के उद्देश्य से परीक्षाएं केवल उन केंद्रों पर कराई जा रही हैं, जहां किसी प्रकार की कोई गड़बड़ियों की कोई संभावना नहीं है।
- चयन प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी एवं छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए निर्धारित की गई है। देश के अन्य प्रतिष्ठित आयोगों तथा संस्थानों द्वारा भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
- आयोग ने कहा कि पूर्व में दूर-दराज के परीक्षा केन्द्रों में कई प्रकार की गड़बड़ियां संज्ञान में आईं। योग्य छात्रों के भविष्य अनिश्चित्ता न बनें इसलिए संपूर्ण परीक्षा मेरिट के आधार पर संपन्न कराने के लिए इन केंद्रों को हटाया गया है।
- यूपीपीएससी ने कहा कि सरकार एवं आयोग की मंशा छात्र हितों को संरक्षित करना एवं मेरिट के आधार पर चयन सुनिश्चित करना है।
- आयोग ने परीक्षा की शुचिता सुनिश्चित करने की महत्ता के दृष्टिगत अभ्यर्थियों के आग्रह पर ही परीक्षा आयोजन का दो पालियों में करने का निर्णय लिया।
- आयोग ने कहा कि अभ्यर्थियों को परीक्षा देने दूर न जाना पड़े, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
- आयोग ने कहा कि अराजक तत्वों, अवैध कोचिंग संस्थानों, नकल माफिया द्वारा प्रतियोगी छात्रों को भ्रामक जानकारी देकर बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोग ने छात्रों को ऐसी सूचनाओं से सावधान रहने की सलाह दी।
- यूपीपीएससी के सचिव अशोक कुमार ने यह भी कहा था कि छात्रों से यह भी कहा गया है कि उनके पास नॉर्मलाइजेशन का कोई फॉर्मूला हो तो बताएं, उस पर आयोग विचार करेगा। इसके लिए आयोग ने ईमेल आईडी भी जारी की।
पीसीएस प्री के लिए ही फिलहाल मानी गई मांग
पीसीएस प्री के लिए ही फिलहाल मांग मानी गई है। समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के लिए बाद में निर्णय लिया जाएगा। उच्च स्तरीय कमेटी का गठन होगा। समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा के संबंध में कमेटी ही अगला निर्णय लेगी।