शिक्षकों की उपलब्धता पर सरकार का स्पष्टीकरण
शिक्षकों की उपलब्धता पर मंत्री संदीप सिंह ने कहा, "हमारे पास पर्याप्त संख्या में शिक्षक हैं, लेकिन कुछ स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक है और शिक्षकों की संख्या कम है। कुल मिलाकर छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित है, लेकिन कुछ स्कूलों में शिक्षक की कमी पाई जा रही है।"
उन्होंने यह भी बताया कि "सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए शिक्षक समायोजन प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन यह अदालत में चुनौती दी गई थी और फिलहाल यह प्रक्रिया ठप पड़ी है। एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद, उत्तर प्रदेश में कोई भी स्कूल ऐसा नहीं होगा, जहां छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित न हो।"
शिक्षक प्रशिक्षण पर सरकार का फोकस
शिक्षक प्रशिक्षण के बारे में बात करते हुए मंत्री ने कहा, "हमारे शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्मों का उपयोग किया जा रहा है, जिनमें डिजिटल लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य के सभी 880 विकासखंडों में ICD लैब स्थापित की गई हैं, ताकि इस प्रशिक्षण में सहूलियत हो। 2024-25 सत्र में 1,65,299 शिक्षकों को विभिन्न कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षण दिया गया है।"
मंत्री ने यह भी बताया कि "सरकार स्कूलों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत कर रही है और प्रत्येक कक्षा में दो टैबलेट्स प्रदान किए जा रहे हैं। यह पहल प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास सुविधाओं को उपलब्ध कराने का उद्देश्य रखती है।"