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यूपी: टीजीटी भर्ती को लेकर क्या फैल रही हैं अफवाहें? आयोग ने छात्रों से की खास अपील, जानें पूरा मामला

Sun, 25 Oct 2026 11:00 AM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

यूपी के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 17 हजार से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों को अफवाहों से बचने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार, चयनित उम्मीदवारों को 30 जून 2027 तक टीईटी पास कर प्रमाणपत्र देना होगा। टीजीटी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा को लेकर भी जानकारी दी गई है। जानें बीएड की योग्यता और भर्ती से जुड़े जरूरी नियम। 
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UP Teacher Recruitment 2026 - फोटो : AI Generated
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विस्तार
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सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 17 हजार से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी विज्ञापन को लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों से अफवाहों और भ्रामक प्रचार पर ध्यान न देने तथा परीक्षा की तैयारी पर फोकस करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि कुछ लोग भर्ती प्रक्रिया को लेकर जानबूझकर भ्रम फैलाकर युवाओं को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को किसी के बहकावे में आने के बजाय आधिकारिक विज्ञापन, शासनादेश और निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर ही अपनी तैयारी करनी चाहिए।
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विभाग के अनुसार, शिक्षा चयन आयोग की ओर से 17 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरने के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। इसका उद्देश्य सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करना और विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया निर्धारित नियमों और शिक्षक पदों के लिए लागू शैक्षिक अर्हताओं के अनुरूप संचालित की जा रही है।

चयनित अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर

माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार, शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को पहली बार संबंधित भर्ती की अर्हता में शामिल किए जाने के मद्देनजर शासन के निर्देश पर शिक्षा चयन आयोग के विज्ञापन में विशेष व्यवस्था की गई है। इसके तहत चयनित अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक टीईटी उत्तीर्ण कर अपना प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना होगा। विभाग ने यह भी बताया कि शासन की ओर से आयोग को टीईटी की एक और परीक्षा शीघ्र आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य अभ्यर्थियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराना है। विभाग ने अभ्यर्थियों से इस प्रावधान को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम से बचने और आधिकारिक निर्देशों के अनुसार अपनी तैयारी जारी रखने की अपील की है।

एनसीटीई की निर्धारित अर्हताएं पूरी करना अनिवार्य

विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों की शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संबंधी अर्हताएं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्धारित की जाती हैं। ये अर्हताएं विधिक रूप से बाध्यकारी हैं। विभाग के अनुसार, माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णयों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुरूप शिक्षक नियुक्तियों में निर्धारित पात्रता मानकों का पालन आवश्यक है। इसी क्रम में टीईटी को अर्हता के रूप में शामिल किए जाने से संबंधित प्रावधान लागू किया गया है। विभाग का कहना है कि अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया की पात्रता शर्तों को लेकर किसी भी प्रकार की गलतफहमी में नहीं पड़ना चाहिए। भर्ती से जुड़ी सही जानकारी के लिए आयोग के विज्ञापन और शासन के आधिकारिक निर्देशों को ही आधार बनाना चाहिए।

बीएड की अर्हता पहले भी थी, अब भी है

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बीएड की अनिवार्यता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार, संबंधित शिक्षक पदों के लिए बीएड की अर्हता पहले भी निर्धारित थी और वर्तमान भर्ती में भी लागू नियमों के अनुसार इसका पालन किया जाना है। विभाग ने बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से इस भर्ती को महत्वपूर्ण अवसर के रूप में लेने और अपनी तैयारी जारी रखने की अपील की है। विभाग का कहना है कि पात्र अभ्यर्थियों को भ्रामक सूचनाओं के कारण अपना समय और अवसर गंवाने के बजाय चयन प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

टीजीटी भर्ती में अधिकतम आयु सीमा की बाध्यता नहीं

विभाग ने प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के पदों पर नियुक्ति को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी है। विभाग के अनुसार, टीजीटी पदों पर नियुक्ति के लिए अधिकतम आयु सीमा की बाध्यता नहीं है। इस संबंध में शासन की ओर से लिखित आदेश जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। इसके साथ ही शिक्षक भर्ती को नियमित और व्यवस्थित बनाने के लिए शासन ने रिक्तियों का अधियाचन भेजने की समयसीमा भी निर्धारित की है। विभाग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष एक अप्रैल को उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर 31 मई तक अधियाचन अनिवार्य रूप से शिक्षा चयन आयोग को भेजा जाना है। इस व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को नियमित करना और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

युवाओं को गुमराह कर नुकसान पहुंचाने वालों से सावधान रहने की अपील

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कहा है कि भर्ती प्रक्रिया को लेकर कुछ ऐसे लोग भी भ्रम फैला रहे हैं, जिनका न तो परीक्षा में शामिल होने से कोई संबंध है और न ही शिक्षा क्षेत्र से प्रत्यक्ष जुड़ाव है। विभाग के अनुसार, ऐसे लोग अपने संकीर्ण स्वार्थों के लिए युवाओं को गुमराह कर उनके हितों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।विभाग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्रसारित भ्रामक दावों की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से अवश्य करें। भर्ती संबंधी किसी भी निर्णय से पहले विज्ञापन की शर्तों और शासनादेशों का अध्ययन करना जरूरी है।

भर्ती को अवसर के रूप में लें अभ्यर्थी

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने दोहराया है कि सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 17 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरने की पहल का उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण प्रदान करना है। विभाग ने बीएड उत्तीर्ण अभ्यर्थियों सहित सभी पात्र युवाओं से भर्ती प्रक्रिया का लाभ उठाने और पूरी गंभीरता से परीक्षा की तैयारी करने की अपील की है।विभाग का संदेश है कि अभ्यर्थी अफवाहों और भ्रामक प्रचार में उलझने के बजाय अपनी तैयारी को प्राथमिकता दें, आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा रखें और निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करने की दिशा में प्रयास जारी रखें।
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