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BTEUP: बीटीईयूपी ने सेमेस्टर एग्जाम में 644 लोगों को थमा दिया जीरो, 55 का रिजल्ट रोका; पेपर में की थी ये गलती

Thu, 15 Jan 2026 05:51 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

BTEUP Result: बीटीईयूपी ने सेमेस्टर परीक्षा में अनुचित साधनों पर सख्ती बरती है। बोर्ड ने गंभीर कदाचार के आरोप में 644 छात्रों को शून्य अंक दिए हैं, जबकि नकल करते पकड़े गए 55 छात्रों का परिणाम फिलहाल रोक दिया गया है। आइए जानते हैं कि परीक्षा में जीरो पाने वाले परीक्षार्थियों ने क्या गलती की थी।
 
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(प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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BTEUP Semester Result: उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद (BTEUP) की ओर से घोषित पॉलीटेक्निक विषम सेमेस्टर और विशेष बैक पेपर परीक्षा परिणामों की घोषणा कर दी है। परिणामों में बीटीईयूपी की परीक्षाओं में अनुचित साधनों के इस्तेमाल को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति स्पष्ट हो गई है। बोर्ड ने सख्त रुख अपनाते हुए 644 परीक्षार्थियों के परिणाम शून्य कर दिए और 55 विद्यार्थियों का परिणाम रोक दिया।

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बीटीईयूपी ने 644 परीक्षार्थियों को क्यों दिए जारो नंबर?

बोर्ड के मुताबिक, 644 परीक्षार्थियों को परिणाम में शून्य अंक दिए हैं क्योंकि उन्होंने अपनी उत्तरपुस्तिकाओं में परीक्षक को प्रभावित करने के उद्देश्य से मोबाइल नंबर लिखे थे, जिसे बोर्ड ने गंभीर कदाचार माना। 

परिषद की ओर से साफ कहा गया है कि यह कार्रवाई परीक्षा की निष्पक्षता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब ऐसी हरकतों के लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।

गोपनीयता नियमों का उल्लंघन माना गया कदाचार

परिषद के अधिकारियों का कहना है कि उत्तरपुस्तिका में किसी भी तरह से अपनी पहचान उजागर करना, संपर्क जानकारी देना या भावनात्मक अपील लिखना परीक्षा नियमों का खुला उल्लंघन है। बोर्ड पहले भी कई बार छात्रों को इस तरह की हरकतों से बचने की चेतावनी देता रहा है, लेकिन इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई।

644 छात्रों के खिलाफ की गई यह कार्रवाई बाकी परीक्षार्थियों के लिए एक कड़ी चेतावनी के तौर पर देखी जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी छात्र ऐसी गलती न करे।

नकल पर भी कड़ा प्रहार, 55 छात्रों का रिजल्ट रोका गया

सिर्फ उत्तरपुस्तिकाओं में नंबर लिखने के ही नहीं, बल्कि नकल के मामलों में भी बोर्ड ने सख्ती दिखाई है। परीक्षा के दौरान तैनात फ्लाइंग स्क्वॉड ने 55 छात्रों को नकल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इन छात्रों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है और फिलहाल उनका परिणाम रोक (Withheld) दिया गया है।

परिषद ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद इन छात्रों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इन्हें एक या दो साल के लिए परीक्षा से वंचित (Debar) भी किया जा सकता है।
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शॉर्टकट नहीं चलेगा: परिषद का साफ संदेश

प्राविधिक शिक्षा परिषद ने दो टूक कहा है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। उत्तरपुस्तिकाओं में मोबाइल नंबर लिखना या परीक्षक को प्रभावित करने की कोशिश अब सीधे फेल होने का रास्ता बन चुकी है। बोर्ड भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर और भी कड़े दंड और कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।

परिषद का मानना है कि तकनीक और सख्त निगरानी के जरिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा रहा है, ताकि योग्य छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो।
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