उत्तर प्रदेश प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2026 में शामिल होने जा रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा की तैयारी के साथ अब केंद्र तक पहुंचना भी बड़ी चुनौती बन गया है। कई उम्मीदवारों को अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं। इससे यात्रा का खर्च बढ़ने के साथ समय पर केंद्र पहुंचने और थकान की चिंता भी बढ़ गई है।
इन मामलों ने परीक्षा केंद्रों के आवंटन और अभ्यर्थियों की सुविधा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परीक्षा केंद्र घर से काफी दूर होने पर अभ्यर्थियों को केवल लंबा सफर ही नहीं करना होगा, बल्कि उनकी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी भी प्रभावित हो सकती है। यात्रा की थकान का असर परीक्षा के दिन उनके प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है। अभ्यर्थियों के सामने मुख्य रूप से ये चुनौतियां हो सकती हैं:
इन परिस्थितियों में अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले यात्रा की योजना बनाने में अतिरिक्त समय और मेहनत लगानी पड़ सकती है।
परीक्षा केंद्र दूर होने पर उम्मीदवारों को घर से पहले निकलना पड़ सकता है। यात्रा के अलावा खाने-पीने और जरूरत पड़ने पर ठहरने का खर्च भी उठाना होगा। इससे उन अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जिनके पास सीमित संसाधन हैं।
महिला अभ्यर्थियों को भी लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित और समय पर पहुंचना उनके लिए एक अहम चिंता बन सकता है।
परीक्षा केंद्रों को लेकर उठ रहे सवालों पर आयोग ने कहा कि केंद्रों का आवंटन कंप्यूटर आधारित व्यवस्था के माध्यम से किया गया है। आयोग के अनुसार, पूर्वांचल के कुछ जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है, जबकि वहां परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता कम है। इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केंद्र अधिक उपलब्ध हैं।
नगीना से सांसद चंद्रशेखर ने भी पीईटी अभ्यर्थियों की समस्याओं का मुद्दा उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए पीईटी 2026 और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख एक होने से पैदा हुई परेशानी की ओर ध्यान दिलाया।
उन्होंने लिखा, "25 अक्तूबर को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2026) और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा एक ही दिन निर्धारित होने से अभ्यर्थियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है। पीईटी की परीक्षा 25 और 30 अक्तूबर तथा 1 नवंबर को आयोजित होनी है। दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को 25 अक्तूबर को एक परीक्षा छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।"
उन्होंने आगे लिखा, "पीईटी की परीक्षा तिथियां पहले से प्रस्तावित थीं, जबकि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने बाद में पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि 25 अक्तूबर घोषित की। इतना ही नहीं, पीईटी के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन को भी केंद्र बनाया गया है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने उसी दिन पीएचडी प्रवेश परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।"
सांसद ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तारीख बदलने की मांग करते हुए कहा, "विश्वविद्यालय प्रशासन को अभ्यर्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव करना चाहिए, ताकि दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले किसी भी अभ्यर्थी का एक अवसर न छिने।"
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की पीईटी 2026 परीक्षा में इस बार बड़ी संख्या में उम्मीदवार शामिल होंगे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परीक्षा के लिए करीब 35.41 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है।
परीक्षा का आयोजन 25 और 30 अक्तूबर तथा 1 नवंबर 2026 को किया जाना है। इसके लिए प्रदेश के 60 जिलों में 1,372 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा तीन दिनों तक दो पालियों में आयोजित होगी। परीक्षा से जुड़ी प्रमुख जानकारी:
पीईटी 2026 के अभ्यर्थियों के सामने फिलहाल दो प्रमुख चिंताएं हैं। पहली, घर से काफी दूर परीक्षा केंद्र मिलने के कारण यात्रा और खर्च की समस्या। दूसरी, पीईटी और पीएचडी प्रवेश परीक्षा की तारीख एक होने से किसी एक परीक्षा का अवसर छूटने की आशंका। अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों की दूरी को लेकर राहत की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, दोनों परीक्षाओं के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार चाहते हैं कि तारीखों के टकराव का समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें किसी एक परीक्षा से वंचित न होना पड़े।