यूपी नीट यूजी काउंसलिंग के लिए आवेदन की अंतिम तारीख क्या है?
रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज अपलोड करने की अंतिम समय सीमा 12 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे है। वहीं रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी मनी 12 अगस्त शाम 5 बजे तक जमा की जा सकती है।
| प्रक्रिया |
तारीख और समय |
| रजिस्ट्रेशन शुरू |
7 अगस्त, दोपहर 12 बजे |
| रजिस्ट्रेशन व डॉक्यूमेंट अपलोड की अंतिम तिथि |
12 अगस्त, दोपहर 2 बजे |
| फीस व सिक्योरिटी मनी की अंतिम तिथि |
12 अगस्त, शाम 5 बजे |
रजिस्ट्रेशन फीस कितनी है?
यूपी नीट यूजी काउंसलिंग में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को 2,000 रुपये की गैर-वापसी योग्य रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को ऑनलाइन डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए एक नोडल सेंटर भी चुनना होगा।
सिक्योरिटी मनी कितनी जमा करनी होगी?
चॉइस फिलिंग के लिए सिक्योरिटी मनी जमा करना जरूरी है।
- सरकारी मेडिकल और डेंटल सीटों के लिए यह 30,000 रुपये
- निजी मेडिकल सीटों के लिए 2 लाख रुपये
- निजी डेंटल सीटों के लिए 1 लाख रुपये
सरकारी और निजी मेडिकल/डेंटल सीटों में एक साथ भाग लेने वाले उम्मीदवारों को 2 लाख रुपये जमा करने होंगे। सरकारी और निजी डेंटल सीटों के लिए यह राशि 1 लाख रुपये है।
कौन से दस्तावेज तैयार रखें?
उम्मीदवारों को हाईस्कूल की मार्कशीट और प्रमाण पत्र, इंटरमीडिएट की मार्कशीट, डोमिसाइल प्रमाण पत्र और लागू होने पर श्रेणी/आरक्षण प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा।
OBC और EWS उम्मीदवारों के प्रमाण पत्र 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी होने चाहिए। आरक्षण का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्धारित प्रारूप में जारी प्रमाण पत्र ही मान्य होंगे।
चॉइस लॉक करना क्यों जरूरी है?
रजिस्ट्रेशन के बाद उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेज और पाठ्यक्रम चुनने होंगे। चॉइस भरने के बाद उसे लॉक करना अनिवार्य है। अगर उम्मीदवार चॉइस लॉक नहीं करता है तो उसे सीट आवंटन प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जाएगा। लॉक की गई चॉइस में बाद में कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
पहले राउंड में सीट मिलने पर क्या होगा?
पहले राउंड में फ्री एग्जिट की सुविधा है। सीट मिलने के बाद यदि उम्मीदवार दाखिला नहीं लेता है तो उसकी सिक्योरिटी मनी वापस कर दी जाएगी। ऐसे उम्मीदवार आगे दूसरे और तीसरे राउंड की काउंसलिंग में भी शामिल हो सकेंगे।
सरकारी कॉलेज में दाखिला संबंधित कॉलेज में होगा, जबकि निजी कॉलेज में प्रवेश सरकार द्वारा तय नोडल सेंटर के माध्यम से पूरा किया जाएगा।