अंक बढ़ाने के नाम पर ठगी का खतरा
परिषद के अनुसार, साइबर अपराधी छात्रों को फोन कॉल या अन्य माध्यमों से संपर्क कर उनके अंक बढ़ाने का झूठा वादा कर सकते हैं। इसके बदले वे पैसे की मांग करते हैं। इतना ही नहीं, ये ठग यह भी दावा करते हैं कि उनकी पहुंच बोर्ड के मुख्य डेटाबेस तक है। कई मामलों में वे परिषद के कर्मचारियों के नाम का गलत इस्तेमाल कर अपनी पहचान को विश्वसनीय बनाने की कोशिश करते हैं।
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दोषियों पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी निर्देश
परिषद ने परीक्षार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या ईमेल पर भरोसा न करें। बोर्ड कभी भी व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर अंक बढ़ाने जैसी कोई बात नहीं करता। साथ ही, अपनी निजी जानकारी जैसे रोल नंबर या बैंक डिटेल्स किसी के साथ साझा न करें।
शिकायत कैसे करें?
यदि किसी को इस तरह की कॉल या संदेश प्राप्त होता है, तो उसे रिकॉर्ड करें और तुरंत अपने जिले के डीआईओएस को सूचित करें। इसके अलावा, साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।