फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP Board Result Date 2020: अगर करना है कुछ अलग, तो हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में है करियर की नई राह

Fri, 05 Jun 2020 04:51 PM IST
Jaya Tripathi एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
UP Board Result 2020 Date
विज्ञापन

Uttar Pradesh Madhyamik Shiksha Parishad (UPMSP) UP Board 10th/12th Class Result 2020 Date: 12वीं के बाद बहुत से छात्र इंजीनियरिंग और मेडिकल के क्षेत्र में करियर बनाते हैं वहीं कुछ छात्र अन्य बीए, बीएससी जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेते हैं। अगर आप इससे हट कर करियर बनाना चाहते हैं तो हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। इस क्षेत्र में  नई-नई जगहों पर जाने का अवसर भी है और अलग-अलग सभ्यता के लोगों को जानने का मौका भी मिलता है। इस इंडस्ट्री में जाने लायक काबिलियत हासिल करना कोई कठिन काम भी नहीं है। अपने मन मुताबिक फील्ड का चुनाव करें, पढ़ें, प्रैक्टिकल अनुभव लें और करियर की शुरूआत करें।

कौन कौन से हैं कोर्स:

  • कुकिंग एंड बेकरी, फूड एंड बेवरेजेज, फूड प्रोडक्शन, फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट, होटल मैनेजमेंट आदि। इन सभी कोर्सेज में छात्र 03 साल की डिग्री से लेकर 06 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स तक कर सकते हैं।

कुकिंग एंड बेकरी:

  • कुकिंग और बेकरी का कोर्स आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है, यदि आप एक बेहतर शेफ बनाना चाहते हैं। खाने की सम्पूर्ण जिम्मेदारी से लेकर किचन का रख-रखाव शेफ की निगरानी में होता है। हालांकि कई बार शेफ को फ्रंट में भी आना पड़ता है। ये एक मैनेजरियल एक्टिविटी का ही हिस्सा होता है, ताकि उसे पता चल सके लोगों को क्या पसंद आ रहा है और उसके अनुरुप वो लोगों के लिए वही डिश तैयार करें ताकि लोग बार-बार स्वाद लेने वहां आएं।

फूड प्रोडक्शन:

  • फूड प्रोडक्शन का काम किसी भी रेस्तरां, होटल फास्ट फूड ज्वाइंट या किसी भी फूड स्टॉल पर खाना बनाना होता है। फुड प्रोडक्शन मैनेजर की भूमिका यहीं खत्म नहीं हो जाती, मेन्यू प्लान करना, सामान मंगाना, तैयारी की सुपरविजन करना, किचन के स्टाफ को निर्देश देना भी उसकी जिम्मेदारियों में शामिल होता है। शेफ के रूप में अच्छी क्वालिटी का स्वादिष्ट खाना तैयार करना उसका धर्म है क्योंकि उसी के आधार पर ग्राहक आएंगे और फूड बिजनेस चलेगा। फूड बिजनेस चलेगा। फूड प्रोडक्शन मैनेजर को अलग अलग किस्म के व्यंजनों और उन्हें तैयार करने की विधि के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट:

  • फ्रंट ऑफिस हर उस काम को करने में तत्पर होता है जिससे ग्राहकों यानी अतिथियों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, उन्हें हर तरह से संतुष्ट किया जा सके। होटल के मानकों का पालन करते हुए अपनी सेवा से संतुष्ट करने में फ्रंट ऑफिस अपनी उपयोगिता साबित करता है। इस विभाग के लिए एक प्रबंधक नियुक्त होता है जो फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन को देखता है और पूरे बिजनेस प्लान के अनुसार हर काम व्यवस्थित रखता है।

योग्यता:

  • इन पाठ्यक्रमों को करने के लिए किसी भी मान्यताप्राप्त बोड या विद्यालय से 12वीं या इसके समकक्ष उत्तीर्ण होना जरूरी है। 12वीं में अंग्रेजी एक अनिवार्य विषय के रूप में पढ़ी होनी चाहिए। न्यूमैंरिकल एजिबिलिटी, सामान्य ज्ञान व सामान्य विज्ञान की जानकारी भी जरूरी है। साथ ही हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री की समझ हो तो बेहतर है। इस इंडस्ट्री में कामयाब होने के लिए कुछ व्यक्तिगत गुणों का होना भी जरूरी है जैसे, मृदुभाषी होना, कितनी भी परेशानी हो, चेहरे पर न आने देना, सेवा सत्कार को धर्म की श्रेणी में रखना आदि।

कहां कहां है अवसर:

  • होटलों में काम करने के अलावा और भी कई ऐसे स्थान हैं जहां होटल मैनेजमेंट की डिग्री या डिप्लोमा करने वालों को नौकरी मिल सकती है। रेस्तरां या फास्ट फूड ज्वाइंट, क्रूज शिप, हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन एंड केटरिंग, इंस्टीट्यूशनल एंड इंडस्ट्रियल केटरिंग, एयरलाइन केटरिंग, होटल एंड केटरिंग इंस्टीट्यूट्स, रेलवे, बैंक या अन्य बड़े संस्थानों में कैंटीन।

सैलरी पैकेज:

  • इस क्षेत्र में करियर के शुरूआती दौर में आपको 12 हजार से 18 हजार रुपये प्रति माह मिल सकते हैं। कुछ वर्षों का अनुभव हासिल करने के बाद सैलरी अच्छी हो सकती है।

प्रमुख संस्थान:

  • इंदिरा गांधी ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • दिल्ली पैरामेडिकल एंड मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली
  • कुरूक्षेत्र विद्यालय, टूरिज्म एंड होटल मैनेजमेंट विभाग, हरियाणा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें