परीक्षा केंद्र से बाहर जाते छात्र।
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माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने यह जानकारी दी है। आपको बता दें कि यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं का मूल्यांकन 16 मार्च से मूल्यांकन केंद्रों पर हो रहा था लेकिन कोरोना वायरस से बचाव के लिए अब अगले महीने की दो तारीख तक परीक्षाओं के मूल्यांकन को टाल दिया है।
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बोर्ड रिजल्ट में हो सकती है देरी
फिलहाल अभी माध्यमिक शिक्षा विभाग की तरफ से इस बात का कोई निर्णय नहीं लिया गया है कि दसवीं और बारहवीं परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन दो अप्रैल के बाद कब होगा। यानी की अभी कॉपियों के मूल्यांकन की अगली तारीख तय नहीं हुई है। कॉपियों के मूल्यांकन आगे बढ़ने से यह माना जा रहा है कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट में भी देरी होगी। पहले दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं का रिजल्ट अप्रैल में आना था पर अब यह संभव नहीं होगा।
3 करोड़ कॉपियों का होना है मूल्यांकन
इस साल दसवीं और बारहवीं के लिए 56.7 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से लगभग पौने पांच लाख ने परीक्षा छोड़ दी थी। लगभग तीन करोड़ कॉपियों का मूल्यांकन किया जाना है। आपको बता दें कि इससे पहले कोरोना के बढ़ते प्रभाव की वजह से शिक्षक संघ भी कॉपियों के मूल्यांकन को स्थगित करने की मांग कर रहे थे। इसी वजह से पहले दिन 41 फीसदी शिक्षक कॉपियां जांचने नहीं पहुंचे थे।
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यूपी बोर्ड की दसवीं और 12वीं की कॉपियों का मूल्यांकन सोमवार यानी की 16 मार्च से शुरू हुआ था और इस दिन विभिन्न मूल्यांकन केंद्रों पर 41 फीसदी शिक्षक नदारद थे। सभी अनुपस्थित शिक्षकों को डीआईओएस ने नोटिस जारी किया था और कारण पूछा था जिसमें शिक्षकों ने बीमार होने और बाहर होने का हवाला दिया था।