पिछले साल वर्ष 2024 की हाईस्कूल व इंटर के लिए पंजीकृत 55,25,342 विद्यार्थियों में से 3,23,166 (5.84 फीसदी) गैरहाजिर थे। 2023 की बोर्ड परीक्षा में पंजीकृत 58,84,634 विद्यार्थियों में से 4,50,012 (7.64 फीसदी) ने परीक्षा छोड़ दी थी। वर्ष 2022 की बोर्ड परीक्षा में 51,92,616 विद्यार्थियों में से 4,34,404 (8.36 फीसदी) गैरहाजिर थे। 2021 में कोरोना के कारण बोर्ड परीक्षा नहीं हुई थी, जबकि वर्ष 2020 की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के लिए पंजीकृत 56,10,819 विद्यार्थियों में से 3,53,684 (6.30 फीसदी) अनुपस्थित थे।
सुरक्षा के बीच मूल्यांकन केंद्रों में कॉपियां भेजने की प्रक्रिया शुरू
यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन 19 मार्च से दो अप्रैल तक प्रदेश के 261 केंद्रों में किया जाएगा। इसके लिए कॉपियों को संकलन केंद्र से मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचाने की प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू कर दी गई। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने कॉपियों को मूल्यांकन केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए हैं। सभी उत्तर पुस्तिकाएं 18 मार्च तक मूल्यांकन केंद्रों को अनिवार्य रूप से प्राप्त करा दी जाएंगी। गोपनीयता के मद्देनजर इसके लिए विश्वसनीय अध्यापकों/कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
स्ट्रॉन्ग रूम की सभी चाभियां केंद्र व्यवस्थापक को सौंपने के निर्देश
परीक्षा केंद्रों पर स्थापित स्ट्रॉन्ग रूम में अतिरिक्त प्रश्नपत्रों के सेट रखने के लिए चौथी अलमारी के एक लॉक की एक चाभी केंद्र व्यवस्थापक, दूसरी स्टेटिक मजिस्ट्रेट और दूसरे लॉक की चाभी थानाध्यक्ष व उनकी ओर से नामित सब इंस्पेक्टर की अभिरक्षा में रखने की व्यवस्था की गई थी। यूपी बोर्ड के सचिव ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा की समाप्ति के बाद बाह्य केंद्र व्यवस्थापक, स्टेटिक मजिस्ट्रेट व थानाध्यक्ष व उनकी ओर से नामित सब इंस्पेक्टर की अभिरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम में रखी प्रत्येक अलमारी की चाभियों को संबंधित परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक की अभिरक्षा में सौंप दिया जाए।
बंद कंटेनर वाले ट्रकों से कॉपियां भेजने पर जोर
सचिव ने निर्देश दिए है कि उत्तर पुस्तिकाओं को यथासंभव बंद कंटेनर वाले ट्रकों से भेजा जाए। बिना कंटेनर वाले ट्रक को त्रिपाल से अच्छी तरह से ढककर बांध दिया जाए। ट्रकों पर 'ऑन गवर्नमेंट ड्यूटी' लिखा कागज चस्पा किया जाए। उत्तर पुस्तिकाएं ले जाने वाले ट्रकों को रास्ते में कहीं रोका न जाए। इसके लिए परिषद कार्यालय की ओर से निर्गत प्रमाण-पत्र साथ रखा जाए। प्रत्येक ट्रक के साथ न्यूनतम एक अध्यापक, एक लिपिक, दो सशस्त्र पुलिस बल व दो परिचालक अनिवार्य रूप से रहें।
मूल्यांकन केंद्र तक ट्रकों को किया जाएगा एस्कॉर्ट
सचिव भगवती सिंह ने निर्देश दिए हैं कि साथ जाने वाले कार्मिकों के लिए चार पहिया वाहन की व्यवस्था की जाए। कार्मिकों में से बारी-बारी से आधे कार्मिक ट्रक में और आधे कार्मिक चार पहिया वाहन में रहेंगे। चार पहिया वाहन से जाने वाले कार्मिक संबंधित ट्रक को एस्कॉर्ट करते हुए चलेंगे। दोनों वाहनों के मध्य दूरी किसी भी दशा में 50 मीटर क से ज्यादा न हो।