9 फरवरी तक पूरी होनी थी प्रैक्टिकल परीक्षाएं
दरअसल, पहले चरण की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 24 जनवरी से 1 फरवरी तक और दूसरे चरण की परीक्षाएं 2 फरवरी से 9 फरवरी तक आयोजित की जानी थीं। लेकिन समीक्षा के दौरान बोर्ड को पता चला कि कई विद्यालयों में कुछ परीक्षाएं लंबित हैं और कई जगहों पर प्रैक्टिकल के अंक अभी तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए हैं। इसी वजह से परीक्षा कार्यक्रम में यह संशोधन किया गया है।
जरूरी बातें:
- यूपी बोर्ड ने इंटरमीडिएट प्रैक्टिकल परीक्षा 2026 की डेडलाइन बढ़ाकर 13 फरवरी कर दी है।
- फैसला छात्रों के हित में लिया गया, क्योंकि कई स्कूलों में प्रैक्टिकल और मार्क्स अपलोड बाकी थे।
- पहले चरण की परीक्षा 24 जनवरी से 1 फरवरी और दूसरा चरण 2 से 9 फरवरी तक तय था।
- सभी परीक्षक और प्रधानाचार्यों को 13 फरवरी तक 100% अंक अपलोड करने का निर्देश दिया गया है।
- लापरवाही से किसी छात्र का रिजल्ट प्रभावित होने पर जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।
नई समय सीमा 13 फरवरी
बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी परीक्षक और स्कूल प्रधानाचार्य तय समय के भीतर बाकी प्रैक्टिकल परीक्षाएं पूरी करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि सभी छात्रों के अंक बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर 13 फरवरी तक अनिवार्य रूप से अपलोड कर दिए जाएं। बोर्ड ने इस प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
जारी निर्देशों में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अंक अपलोड नहीं किए जाते और इससे किसी छात्र का परिणाम प्रभावित होता है, तो संबंधित परीक्षक, विद्यालय प्रधानाचार्य और जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक को इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार माना जाएगा। बोर्ड का उद्देश्य है कि सभी छात्रों का परिणाम समय पर और बिना किसी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा के घोषित किया जा सके।