परीक्षा के दौरान सख्ती क्यों जरूरी?
यूपी बोर्ड हर साल नकल रोकने और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए कड़े नियम लागू करता है। बोर्ड का कहना है कि छोटी सी लापरवाही भी छात्रों पर भारी पड़ सकती है। इसलिए छात्रों को पहले से यह समझ लेना चाहिए कि परीक्षा केंद्र पर किन चीजों की अनुमति है और किन चीजों को लेकर जाना पूरी तरह मना है।
परीक्षा केंद्र पर क्या-क्या साथ ले जा सकते हैं?
जो छात्र इस साल बोर्ड परीक्षा में बैठने जा रहे हैं, उन्हें सबसे पहले अपना एडमिट कार्ड साथ रखना जरूरी है। इसके अलावा एक वैध फोटो पहचान पत्र जैसे आधार कार्ड या स्कूल आईडी भी आवश्यक होगा।
परीक्षा देने के लिए पारदर्शी पेन-पेंसिल पाउच ले जाने की सलाह दी गई है। इस पाउच में छात्र नीला या काला पेन, पेंसिल, पारदर्शी स्केल, कंपास, शार्पनर और इरेजर रख सकते हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छात्रों को दो पेन साथ रखने की सलाह भी दी गई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी समस्या का सामना न करना पड़े। इसके अलावा ट्रांसपेरेंट पानी की बोतल ले जाना भी अनुमति के दायरे में आता है।
परीक्षा केंद्र पर क्या लेकर जाएं?
- एडमिट कार्ड (अनिवार्य)
- वैध फोटो आईडी (आधार कार्ड या स्कूल आईडी)
- पारदर्शी पेन-पेंसिल पाउच
- नीला/काला पेन (कम से कम दो)
- पेंसिल, पारदर्शी स्केल, कंपास, शार्पनर, इरेजर
- पारदर्शी पानी की बोतल
परीक्षा हॉल में क्या न लेकर जाएं?
- मोबाइल फोन
- स्मार्ट वॉच या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
- कैलकुलेटर
- ब्लूटूथ या ईयरफोन
- एडमिट कार्ड के अलावा कोई भी कागज, नोट्स या चिट
किन चीजों पर है पूरी तरह रोक?
बोर्ड ने साफ किया है कि परीक्षा केंद्र में कैलकुलेटर, मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना सख्त मना है। एडमिट कार्ड के अलावा किसी भी तरह का कागज या नोट्स साथ रखना भी नियमों के खिलाफ माना जाएगा। अगर जांच के दौरान ऐसी वस्तुएं मिलती हैं, तो छात्र को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।
प्रवेश और चेकिंग से जुड़े नए निर्देश
पिछले साल परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा जांच को लेकर कई विवाद सामने आए थे, खासकर छात्रों के जूते उतरवाने को लेकर। इस बार बोर्ड ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गेट पर चेकिंग तो होगी, लेकिन जूते उतरवाने जैसी प्रक्रिया नहीं अपनाई जाएगी। छात्राओं की जांच के लिए महिला शिक्षकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि प्रक्रिया व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके।
देर से पहुंचने वाले छात्रों के लिए क्या नियम हैं?
छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा शुरू होने से करीब एक घंटा पहले केंद्र पर पहुंच जाएं, क्योंकि तय समय के बाद गेट बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि किसी वजह से देर होने पर प्रश्नपत्र शुरू होने के लगभग 30 मिनट तक प्रवेश मिल सकता है। लेकिन जो छात्र इससे ज्यादा देर से पहुंचेंगे, उन्हें किसी भी स्थिति में परीक्षा हॉल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
यूपी बोर्ड का कहना है कि इन नियमों का उद्देश्य छात्रों पर दबाव बनाना नहीं बल्कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित रखना है। इसलिए छात्रों के लिए जरूरी है कि वे तैयारी के साथ-साथ परीक्षा केंद्र से जुड़े सभी निर्देशों को ध्यान में रखें, ताकि परीक्षा के दिन किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।