12वीं के छात्रों का ध्यान केवल इस बात पर है कि भविष्य में कौन सा क्षेत्र करियर बनाने के लिए मददगार होगा। जो छात्र 12वीं साइंस विषय के साथ करते हैं तो वे सबसे पहले इंजीनियरिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के बारे में सोचते हैं। बता दें कि हर साल इंजीनियरिंग में दाखिले के लिए लाखों की संख्या में स्टूडेंट्स शामिल होते हैं। लेकिन हर उम्मीदवार को सीट नहीं मिल सकती। हालांकि आपको इसके लिए परेशान बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए। क्योंकि अगर आपने कक्षा 12वीं की पढ़ाई साइंस विषय के साथ की है, तो आपके पास सिर्फ इंजीनियरिंग या मेडिकल ही विकल्प नहीं है। इससे अलग ऐसे कई क्षेत्र हैं, जो नये हैं और तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इंजीनियरिंग से अलग ये वो क्षेत्र हैं जहां प्रोफेशनल्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। इतना ही नहीं, अगर आपने इनमें विशेषज्ञता हासिल कर ली, तो आपकी सैलरी भी बंपर होगी। यहां हम आपको ऐसे ही कुछ कोर्सेज के बारे में बता रहे हैं...
स्पेस साइंस-
- स्पेस साइंस का दायरा अपने आप में काफी बड़ा है। इसके अंतर्गत कॉस्मोलॉजी, स्टेलर साइंस, प्लैनेटरी साइंस, एस्ट्रोनॉमी जैसे कई क्षेत्र समाते हैं।
- अपनी रुचि और क्षमता के अनुासर आप इनमें से किसी में भी करियर तलाश सकते हैं। इनके लिए तीन साल की बीएससी, चार साल के बीटेक से लेकर पीएचडी तक के कोर्सेज अलग-अलग संस्थआनों में चलाये जा रहे हैं।
- देश में इनके लिए सबसे अच्छे संस्थान इसरो (ISRO) और बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc) हैं।
रोबोटिक साइंस-
- ऊपर बताया गए सभी क्षेत्रों की तरह रोबोटिक साइंस भी आज के समय की मांग है। दुनियाभर में रोबोटिक साइंस काफी तेजी से तरक्की कर रहा है।
- भारत 2019 के आम बजट में भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इसका जिक्र किया था। कौशल विकास के प्रशिक्षण के लिए उन्होंने जिन क्षेत्रों पर फोकस की बात की है उनमें से एक रोबोटिक साइंस भी था।
- हार्ट सर्जरी से लेकर कार असेम्बलिंग, लैंडमाइंस, रेस्टोरेंट्स और बड़े आयोजनों तक में रोबोटिक साइंस का इस्तेमाल होने लगा है।
- इसमें प्रवेश करने के लिए आप इससे जुड़े कुछ स्पेशियलाइजेशन कोर्स भी कर सकते हैं।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, एडवांस्ड रोबोटिक्स सिस्टम. कम्प्यूटर साइंस से स्नातक कर चुके स्टूडेंट्स इस कोर्स के लिए योग्य माने जाते हैं।
- रोबोटिक्स में एमई की डिग्री हासिल कर चुके स्टूडेंट्स को इसरो जैसे प्रतिष्ठित संस्थान रिसर्च का मौका देते हैं।