यूपी बोर्ड से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट करने वाले छात्र-छात्राओं को अंकपत्र और प्रमाण पत्र के लिए स्कूलों या बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने से अब छुटकारा मिल जाएगा। यूपी बोर्ड डिजिटल लॉकर के तहत इस वर्ष की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट के अंकपत्र, प्रमाण पत्र की व्यवस्था ऑनलाइन करने जा रहा है।
इसके तहत विद्यार्थियों को नेशनल डिजिटल लॉकर वेबसाइट पर जाकर अपना एकाउंट खोलना होगा। इसके बाद यूपी बोर्ड का लिंक मिलेगा। यूपी बोर्ड की वेबसाइट पर लिंक कराने के बाद विद्यार्थी अपनी जन्मतिथि दर्ज कर वेबसाइट खोल सकेंगे और अपना अनुक्रमांक दर्ज कर अंक पत्र, प्रमाण पत्र डाउनलोड कर सकेंगे।
विद्यार्थियों के अंकपत्र या प्रमाण पत्र खो जाने की स्थिति में डुप्लीकेट बनवाने के लिए काफी वक्त लगता है। हालांकि यूपी बोर्ड की वर्ष 2000 के बाद से अब तक की सभी परीक्षाओं के अंकपत्र और प्रमाण पत्र वेबसाइट पर अपलोड हैं लेकिन इसे डाउनलोड करने के लिए विद्यार्थियों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके बाद भी अंकपत्र या प्रमाण पत्र सादे कागज पर ही निकलता है। यानी उस पर यूपी बोर्ड का मोनोग्राम नहीं होता लेकिन डिजिटल लॉकर व्यवस्था में डुप्लीकेट जैसी कोई चीज ही नहीं रह जाएगी।
पहले चरण में वर्ष 2019 की परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को यह सुविधा मिलेगी। योजना यह भी है कि डिजिटल लॉकर के तहत डाउनलोड होने वाले अंकपत्र और प्रमाण पत्र पर यूपी बोर्ड का मोनोग्राम भी रहे।
यूपी बोर्ड सचिव नीना श्रीवास्तव का कहना है कि इसके लिए एनआईसी से संपर्क किया जा रहा है। सरकार को प्रस्ताव भी भेजने की तैयारी है, ताकि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद विद्यार्थियों को डिजिटल लॉकर की व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके।