भारत कृषि प्रधान देश है, भारत सरकार 2022 तक सकल उत्पाद को दोगुना करना चाहती है। कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी का उपयोग अब पहले की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में यहां करियर की काफी संभावनाएं हैं। यही कारण है कि इन दिनों कृषि महाविद्यालयों में एडमिशन पाने के लिए युवाओं के बीच होड़ लगी है।
- अगर आप भी कृषि अनुसंधान के क्षेत्र से जुड़कर कृषि वैज्ञानिक या आधुनिक किसान बनना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों से पास कर बीएससी एग्रीकल्चर या फिर बीएससी एग्रीकल्चर ऑनर्स की डिग्री हासिल करनी चाहिए।
- यह डिग्री एग्रीकल्चर, वेटरनरी साइंस, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, फॉरेस्टरी, हॉर्टीकल्चर, फूड साइंस और होम साइंस में से किसी भी एक विषय में ले सकते हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद आप सीधे खेती और इससे संबंधित गतिविधियों से जुड़कर कृषि क्षेत्र में नाम रोशन कर सकते हैं।
- आज भी भारत की करीब 70 फीसदी जनसंख्या जीविका के लिए पूरी तरह से कृषि पर निर्भर है। ऐसे में कृषि क्षेत्र में पढ़े-लिखे किसानों की सख्त जरूरत है।
- कृषि क्षेत्र में मार्केटिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट में करियर के सुनहरे अवसर हैं। इसके अलावा आप नेशनलाइज्ड बैंकों में बतौर कृषि विस्तार अधिकारी, ग्रामीण विकास अधिकारी, फील्ड ऑफिसर बनकर भी शानदार करियर बना सकते हैं। इसके साथ ही राज्यों के विभिन्न कृषि विभागों में भी रोजगार के काफी अवसर मौजूद हैं।
- एग्रीकल्चरल साइंटिस्ट बनने के लिए यह जरूरी है कि आप फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स के अलावा बायोलॉजी विषयों के साथ बारहवीं पास हों और यदि आप एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जाना चाहते हैं तो आपको बैचलर इन इंजीनियरिंग या टेक्नोलॉजी अथवा कम से कम एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करना होगा।
- यदि आप प्रोफेशल कोर्स में प्रवेश लेना चाहते हैं तो इन कोर्सेज में दाखिले के लिए संबंधित विषयों में स्पेशलाइजेशन के साथ-साथ एग्रीकल्चरल साइंस या इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट होना बेहद जरूरी है।