कोरोना वायरस के कारण यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बुधवार से रुक गया। पांचों केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं को पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है। बता केवल मेरठ जिले की हो रही है। यहां छह लाख से ज्यादा कॉपियां जांची जानी हैं, जिनमें से सिर्फ 53 हजार कॉपियां ही चेक हो पाई हैं।
फिलहाल आदेशानुसार तीन अप्रैल से कॉपियां फिर से जांची जानी हैं। अब सवाल ये है कि किया परीक्षा के परिणाम देरी से जारी होंगे?
जी हां, अगर तारीख आगे नहीं बढ़ाई गई तो भी रिजल्ट देरी से आएगा, जो मई के आखिरी सप्ताह तक हो सकता है। अगर मूल्यांकन की तारीख और बढ़ गई तो रिजल्ट और भी खिसक सकता है। इसके अलावा पढ़ाई का सत्र भी बढ़ाया जा सकता है।
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पढ़ें पूरी जानकारी-
- जले में 5 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें जीआईसी, एसडी सदर, सेंट जोजफ, राम सहाय इंटर कॉलेज और केके इंटर कॉलेज हैं।
- यहां कुल 6 लाख 10 हजार 534 कॉपियों का मूल्यांकन होना है, यहां करीब ढाई हजार परीक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
- जिला विद्यालय निरीक्षक गिरजेश चौधरी ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शासन के निर्देशों को भेज दिया गया है।
- एसएसपी को पत्र लिखा गया है कि मूल्यांकन केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त बंदोबस्त किए जाने की मांग की गई है।
कई परीक्षक पहुंचे मूल्यांकन केंद्र
कई परीक्षक ऐसे भी रहे जिन्हें मूल्यांकन रोके जाने की जानकारी नहीं थी। वे केंद्र पहुंच गए। वहां जाकर उन्हें जानकारी हुई तो घर लौट गए।
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