उत्तर प्रदेश बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन अथॉरिटी ने परीक्षा की गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए राज्य में पारदर्शिता और सख्ती के साथ बोर्ड परीक्षा आयोजित की। बता दें, इस वर्ष करीब 4 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी हैं। बोर्ड परीक्षा पूरी होने के एक दिन पहले तक प्रदेश भर में 400 नकलची पकड़े जा चुके हैं। 233 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
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मुख्य जानकारी -
- बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी, 2020 से शुरू हुई थीं और पहले दो दिनों में 2 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा छोड़ी।
- यूपी बोर्ड परीक्षा 2020 के लिए लगभग 56 लाख ने (जिसमें 30 लाख से ज्यादा 10वीं और 25 से ज्यादा 12वीं के छात्र-छात्राएं) पंजीकृत किया है।
- 10वीं कक्षा के 21 हजार से ज्यादा उम्मीदवारों ने निजी श्रेणी के तहत पंजीकरण किया है, जबकि 12वीं के लिए 70 हजार से ज्यादा ने निजी श्रेणी के तहत पंजीकरण कराया है।
- 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 3 मार्च, 2020 को और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 6 मार्च, 2020 को समाप्त होनी थी। लेकिन किसी कारण से बोर्ड ने परीक्षा की तिथि आगे बढ़ा दी
- उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया था कि इस साल यूपी बोर्ड परीक्षाएं निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएंगी, इसलिए इस साल कई नई व्यवस्था और सख्त नियम लागू किए गए।
नोट - बोर्ड से संबंधित सारी अपडेट आपको अमर उजाला के शिक्षा पेज पर मिलती रहेगी।
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