पिछले वर्ष से 8.27% अधिक आवंटन
- 2026-27 के लिए शिक्षा को 1,39,289 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
- 2025-26 के बजट में शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल 1,28,650 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था।
हाल के वर्षों में शिक्षा बजट लगातार बढ़ा है। पिछले वर्षों में शिक्षा क्षेत्र को आवंटन इस प्रकार रहा:
| वर्ष |
बजट राशि (करोड़ रुपये) |
| 2021‑22 |
93,224.31 |
| 2022-23 |
1,04,277.72 |
| 2023-24 |
1,12,899.47 |
| 2024-25 |
1,20,627.00 |
| 2025-26 |
1,28,650.05 |
| 2026-27 |
1,39,289.00 |
ये नए संस्थान खोलने की घोषणा
बजट घोषणाओं में कई संस्थानों / हब / टाउनशिप की स्थापना की घोषणा की गई है, जोकि इस प्रकार हैं:
- 5 क्षेत्रीय मेडिकल हब
- 2 नए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (NIMHANS)
- 3 नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान
- 1 राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID)
- 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप
- 4 टेलीस्कोप/खगोल विज्ञान सुविधाएं (नई या अपग्रेड)
- एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल (AHP) के नए संस्थान
- वेटनरी और पैरा-वेट कॉलेज/अस्पताल
- AVGC लैब (15,000 स्कूल + 500 कॉलेज)
- डिजिटल नॉलेज ग्रिड
- हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल
पिछले बजट में हुई थीं ये घोषणाएं
गौरतलब है कि पिछले बजट में शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अटल टिंकरिंग लैब और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार जैसे अहम फैसले लिए गए थे।
पिछले केंद्रीय बजट 2025-26 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर सरकार ने भविष्य की तकनीक और कौशल विकास पर खास जोर दिया था। शिक्षा मंत्रालय के बजटीय प्रावधान में बढ़ोतरी करते हुए शिक्षा को रोजगार और नवाचार से जोड़ने की दिशा में कई अहम फैसले लिए गए थे।
बजट 2025-26 का एक प्रमुख ऐलान शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए उत्कृष्टता केंद्र (Center of Excellence) की स्थापना को लेकर था। 500 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस केंद्र का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में एआई आधारित समाधान विकसित करना और तकनीक को पढ़ाई-लिखाई से जोड़ना था।
अगले पांच वर्षों में 50,000 टिंकरिंग लैब खोलने का रखा गया था लक्ष्य
स्कूल स्तर पर नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अगले पांच वर्षों में सरकारी स्कूलों में 50 हजार नई अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने की घोषणा की थी। इसका मकसद छात्रों में वैज्ञानिक सोच, प्रयोगात्मक सीख और तकनीकी समझ को मजबूत करना था।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी बजट 2025-26 में विस्तार की योजना सामने आई थी। 2014 के बाद स्थापित पांच आईआईटी संस्थानों में बुनियादी ढांचे के विस्तार के जरिए 6,500 अतिरिक्त छात्रों के लिए सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया था।
इसके साथ ही युवाओं को वैश्विक स्तर की विशेषज्ञता देने के लिए पांच राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने की बात कही गई थी।