युवाओं को हर साल बजट का इंतजार रहता है। वे चाहते हैं कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार नई नीतियां तथा योजनाएं लाएं जिससे शिक्षा के स्तर में सुधार हो। प्राइमरी से लेकर उच्च शिक्षा तक देश के युवा बदलाव की चाह रखते हैं। ऐसे में आने वाला बजट एक नई आशाओं पर खरा उतरता है या नहीं ये देखना दिलचस्प होगा। उम्मीद की जा रही है इस बजट में सरकार 12वीं तक मुक्त शिक्षा प्रदान करने की योजना बना रही है। यहां हम बता रहे हैं कुछ युवाओं की राय...
प्रनीत गर्ग
इनका मानना है कि अगर इस बार बजट में प्रेक्टिकल लर्निंग पर जोर दिया जाए तो भविषिय में नौकरी मिलने के अवसर बढ़ेंगे।
रवि सौरभ-
इनका मानना है कि सुदूर क्षेत्रों में विद्यालयों ओर विश्वविद्यालयों की कमी है। इसके बारे में सरकार को कदम उठाने चाहिए।
हर्षि गर्ग-
एजुकेशन लोन को लेकर इनका कहना है कि इसकी समय-सीमा बढ़ा दी जाए।
स्वपनिल दूबे-
उनका कहना है कि सरकारी स्कूलों के स्तर में सुधार आए।
निशांत चौधरी
इनका मानना है कि शिक्षा पर ज्यादा बजट बढ़ाया जाना चाहिए।