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यूनिसेफ रिपोर्ट : देश में जल संकट से जूझ रहे हैं 9.14 करोड़ बच्चे, बना बच्चों के लिए पानी की समस्या का हॉटस्पॉट

Wed, 24 Mar 2021 05:37 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : यूनिसेफ
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देश में लगभग 9.14 करोड़ बच्चे गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। वर्ष 2040 तक दुनिया में हर चार में से एक बच्चा पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे क्षेत्र में होगा। यह दावा यूनिसेफ की जल संकट पर विश्वव्यापी रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के साथ-साथ अफगानिस्तान, बुर्किना फासो, इथियोपिया, हैती, केन्या, नाइजर, नाइजीरिया, पाकिस्तान, पापुआ न्यू गिनी, सूडान, तंजानिया यमन जैसे 37 देशों को बच्चों के लिए जल संकट का हॉटस्पॉट माना गया है। 

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यूनिसेफ रिपोर्ट : दक्षिण एशिया में जल संकट से जूझ रहे हैं 15.5 से ज्यादा बच्चे

रिपोर्ट के मुताबिक पूर्वी और दक्षिण अफ्रीका में 58 फीसदी से ज्यादा बच्चे पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं मध्य पूर्व में 23%, दक्षिण एशिया में 25% और पश्चिम व मध्य अफ्रीका में 31% बच्चे किसी-न-किसी तरह के जल संकट से जूझ रहे हैं। आंकड़ों के हिसाब से देखें तो दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा 15.5 करोड़ बच्चे पानी की समस्या का शिकार हैं।   

यूनिसेफ रिपोर्ट : दुनिया में जल संकट आने वाला नहीं है, बल्कि आ चुका है - हेनरिटा फोर

रिपोर्ट को प्रकाशित करते वक्त यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक हेनरिटा फोर कहती हैं, ‘दुनिया में जल संकट आने वाला है, बल्कि जल संकट दुनिया में पहले से ही मौजूद है। पूरी दुनिया में 80 से ज्यादा देशों में बच्चों को पानी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। वर्ष 2001 से 2018 के बीच 74 फीसदी आपदाएं आईं, जिसके कारण दुनियाभर के लोगों को एक साथ सूखा और बाढ़ का सामना करना पड़ा। परिणास्वरूप सूखा पड़ने पर बच्चों को अपना स्कूल छोड़ पानी भरने जाना पड़ा। जहां बाढ़ आई वहां बच्चे ही दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का शिकार हुए।’

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यूनिसेफ रिपोर्ट : दुनियाभर की महिलाएं पानी भरने में बीता रही हैं 20 करोड़ घंटे

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुनिया भर की महिलाएं रोज पानी भरने में 20 करोड़ घंटे, 83 लाख दिन और 22800 साल बीता रही हैं। वहीं दुनिया भर में 25 फीसदी ग्राउंडवाटर अकेले भारत में इस्तेमाल किया जाता है। किंतु भारत, बारिश के पानी का केवल 2 फीसदी हिस्सा ही दोबारा उपयोग में ला पाता है। 

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