किन्हें मिलेगा फायदा?
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, "रिम्स के एमबीबीएस प्रथम और द्वितीय वर्ष के टॉपर 30 चयनित वंचित छात्रों को नीट कोचिंग प्रदान करेंगे। कोचिंग के लिए प्रशिक्षकों को प्रति घंटे 2,500 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। कक्षाएं सप्ताह में चार दिन संचालित होंगी।"
इस योजना पर अनुमानित वार्षिक व्यय लगभग 7 करोड़ रुपये होगा।
शासी निकाय ने 'मोक्ष वाहन' योजना के तहत किसी मरीज की मृत्यु पर 5,000 रुपये की सहायता और मुफ्त शव वाहन सेवा प्रदान करने का भी निर्णय लिया।
मरीज की मृत्यु पर 5,000 रुपये सहायता और मुफ्त शव वाहन सेवा
विज्ञप्ति में आगे कहा गया है, "रिम्स में किसी मरीज की मृत्यु होने पर, शव को राज्य के किसी भी हिस्से में निःशुल्क पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अतिरिक्त, मृतक के परिवार को अंतिम संस्कार में सहायता के लिए 5,000 रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।"
शासी निकाय ने यह भी निर्णय लिया कि रिम्स के प्रशिक्षु डॉक्टरों को अब एम्स की तरह 30,000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति मिलेगी।
इसमें कहा गया है, "इससे चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों को वित्तीय सहायता मिलेगी।"
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, "यह बैठक झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह आम लोगों और छात्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"