बोर्ड सचिव तिवारी ने बताया कि सबसे ज्यादा परीक्षार्थी हरिद्वार और सबसे कम चंपावत जिले में हैं। दूसरी ओर हाईस्कूल-इंटरमीडिएट की प्रयोगात्मक परीक्षाएं एक फरवरी से 25 फरवरी तक संपन्न कराई जाएंगी। बैठक में अपर सचिव एनसी पाठक, बीएमएस रावत, डॉ. नंदन नेगी, बीडी अंडोला, कुबेर कड़ाकोटी, बीसी उप्रेती, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी एनके जोशी, राजीव रावत आदि रहे।
2019 में ऐसा रहा था परिणाम
2019 के परिणामों में 12वीं में शताक्षी तिवारी 98 फीसदी अंकों के साथ तो 10वीं में अनंता सकलानी 99 फीसदी अंकों के साथ टॉपर रहीं। परिणाम तीस मई को सुबह 10:30 बजे परिषद के सभागार में निदेशक आरके कुंवर द्वारा घोषित किया गया था।
2019 में इंटरमीडिएट का कुल परीक्षाफल 80.13 फीसदी रहा था। इसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 76.29 और बालिकाओं का 83.79 फीसदी था। वहीं दसवीं का कुल परीक्षाफल 76.43 प्रतिशत था। इसमें बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 70.60 और बालिकाओं का 82.47 फीसदी था। 2018 में हाईस्कूल का रिजल्ट 74.57 एवं इंटरमीडिएट का 78.97 प्रतिशत था।