उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए एक बड़ी खबर है। बुधवार को यूजीसी ने एक अधिसूचना जारी की है। इसके मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थान तब तक छात्रों के ओरिजनल सर्टिफिकेट जमा नहीं कर सकता है जब तक उसका दाखिला सुनिश्चित नहीं हो जाता। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अब से किसी भी शिक्षण संस्थान को विद्यार्थियों के दस्तावेजों की मूल प्रति रखने का अधिकार नहीं होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थान अगर दाखिला वापस लेने वाले विद्यार्थियों को उनकी फीस नहीं लौटाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। 2019-2020 से विद्यार्थियों को अपने दस्तावेजों की मूल प्रति जैसे की मार्कशीट्स व अन्य सर्टिफिकेट्स शिक्षण संस्थान में दाखिला लेते समय नहीं जमा करवाना पड़ेगा । यूजीसी मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने ये जानकारी ट्वीट के जरिए दी है।
आपको बता दें कि यदि कोई छात्र दाखिले का शुल्क निर्धारित की गई तिथि से 15 दिन पहले अपना नाम कटवा लेता है तो छात्र की 90 फीसदी राशि उसे लौटा दी जाएगी। इससे अलावा यदि आप निर्धारित तिथि के बाद नाम कटवाते हैं तो संस्थान आपको 8० फीसदी शुल्क वापस करेगा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यूजीसी एक्ट,1956 के सेक्शन 2(एफ) में यह बदलाव किए गए हैं।