UGC Anti-Ragging Defaulters List 2025: यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने एंटी-रैगिंग नियमों की अनदेखी पर कड़ा रुख अपनाते हुए देशभर के 89 संस्थानों को डिफॉल्टर घोषित किया है। इनमें आईआईटी-बॉम्बे, आईआईटी-खड़गपुर, आईआईएम रोहतक, एएमयू जैसे देश के प्रमुख संस्थान शामिल हैं।
यूजीसी के अनुसार, इन संस्थानों ने छात्रों और संस्थानों की अनिवार्य एंटी-रैगिंग घोषणाएं (Undertaking) अब तक सबमिट नहीं की हैं, जो कि रैगिंग विरोधी विनियम, 2009 के अंतर्गत जरूरी है।
इन प्रमुख संस्थानों का नाम शामिल
- आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी हैदराबाद, आईआईटी पलक्कड़
- आईआईएम बॉम्बे, आईआईएम रोहतक, आईआईएम तिरुचिरापल्ली
- एम्स रायबरेली, एनआईडी दिल्ली, एनआईडी आंध्र प्रदेश, एनआईडी हरियाणा
- अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू), इग्नू, नालंदा विश्वविद्यालय, आईएसआई कोलकाता
- एनआईपीईआर हैदराबाद (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन्स्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च)
30 दिन में सुधार नहीं तो होगी बड़ी कार्रवाई
यूजीसी सचिव मनीष जोशी के अनुसार, "इन संस्थानों को पहले भी कई बार एडवाइजरी, हेल्पलाइन कॉल और डायरेक्ट इंटरवेंशन के जरिए सूचित किया गया, लेकिन फिर भी नियमों का पालन नहीं हुआ।" यूजीसी ने इन संस्थानों को चेतावनी दी है कि यदि 30 दिनों के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो यूजीसी फंडिंग, रिसर्च प्रोजेक्ट्स और मान्यता/संस्थागत संबद्धता तक रद्द की जा सकती है।
क्या हैं UGC की एंटी-रैगिंग गाइडलाइंस?
रैगिंग विरोधी विनियम, 2009 के अनुसार:
- हर छात्र को एडमिशन के समय और प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष की शुरुआत में एंटी-रैगिंग अंडरटेकिंग जमा करनी होती है।
- इसके साथ ही, संस्थान को भी यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी छात्रों से यह घोषणाएं ली गई हैं और रिकॉर्ड में दर्ज हैं।
- यह नियम छात्र सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए बनाए गए हैं।