उन्होंने एएनआई को बताया, "हमारी अलग से इन-हाउस पीएचडी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की कोई योजना नहीं है। यूजीसी जो भी सुझाव देगा हम उसका पालन करेंगे। हमें एनटीए से कोई संचार नहीं मिला है और हम उनके मार्गदर्शन का इंतजार कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि पीएचडी के लिए शैक्षणिक सत्र में कुछ देरी होगी।
सिंह की टिप्पणियां इस सवाल के जवाब में थीं कि क्या डीयू ने एनटीए की यूजीसी नेट परीक्षा को लेकर हुए विवाद के बाद अपनी प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की योजना बनाई है।
गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा परीक्षा की शुचिता पर चिंता जताए जाने के बाद 19 जून को केंद्र ने परीक्षा रद्द कर दी।
इस बीच, जेएनयू पीएचडी प्रवेश के लिए यूजीसी नेट परीक्षा को छोड़ने और इन-हाउस प्रवेश परीक्षा पर वापस लौटने पर विचार कर रहा है। इस साल, जेएनयू ने घोषणा की कि वह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (ΝΕΡ) 2020 के अनुरूप, अपनी स्वयं की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने के बजाय राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) स्कोर स्वीकार करेगा।
यूजीसी ने 27 मार्च, 2024 को एक अधिसूचना में निर्णय लिया कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से, विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों (HEI) द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षाओं के स्थान पर पीएचडी प्रवेश के लिए नेट स्कोर का उपयोग किया जा सकता है।
दिसंबर 2018 से कंप्यूटर-आधारित टेस्ट (CBT) मोड में एनटीए द्वारा आयोजित यूजीसी नेट, भारतीय विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरशिप और जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) के लिए पात्रता निर्धारित करता है। जेआरएफ का पुरस्कार या सहायक प्रोफेसरशिप के लिए पात्रता यूजीसी नेट के पेपर- I और पेपर- II में कुल प्रदर्शन पर निर्भर करती है।