UGC: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी राज्यों के शिक्षा सचिव और विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र लिखकर पर्यावरण विषय को शामिल करने के बारे में सूचित कर दिया है। पत्र में लिखा है कि सर्वोच्च अदालत के निर्देश के तहत स्नातक पाठ्यक्रमों में पर्यावरण विषय शामिल किया गया है। इसलिए सभी उच्च शिक्षण संस्थान यूजी में पर्यावरण विषय को शामिल करना अनिवार्य है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 की सिफारिशों के तहत पर्यावरण शिक्षा पर आधारित पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें पढ़ाई समेत फील्ड में जाकर केस स्ट्डी भी करनी होगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी की ओर से इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
इसमें लिखा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में भी पर्यावरण शिक्षा को सबसे जरूरी माना गया है। सर्वोच्च अदालत ने भी पर्यावरण पढ़ाई को अनिवार्य माना है। इसी के तहत यूजीसी ने पर्यावरण शिक्षा को लेकर विशेषज्ञों से पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसका मकसद छात्रों को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति जागरूक करना है। इसे सामुदायिक जुड़ाव और मूल्य-आधारित शिक्षा के आधार पर तैयार किया गया है।