आधिकारिक नोटिस के अनुसार, सतर्कता मामलों को लंबा खींचना गलत है, क्योंकि इससे न्याय नहीं हो पाता और अनुशासनात्मक कार्रवाई का मकसद पूरा नहीं होता। इसलिए आयोग ने यह तय किया है कि जांच, पहले और दूसरे चरण की सलाह (FSA और SSA) और अनुशासनात्मक जांच को समय पर पूरा करना चाहिए, इसके लिए एक तय समय सीमा भी बनाई गई है।
2 नवंबर तक मनाया जाएगा सतर्कता जागरूकता
यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों से अनुरोध किया है कि वे सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2025 27 अक्तूबर से 2 नवंबर तक मनाएं। यह सप्ताह सतर्कता के महत्व को समझाने, जागरूकता बढ़ाने और सत्यनिष्ठा बनाए रखने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करने पर केंद्रित है।
आयोग ने कहा है कि, अभियान के दौरान संस्थानों को मास्टर प्रशिक्षकों और अन्य कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। इसमें IGOT प्लेटफॉर्म पर प्रासंगिक पाठ्यक्रमों को पूरा करना भी शामिल है। सतर्कता मामलों में देरी न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, इसलिए जांच और अनुशासनात्मक कार्यवाही को निर्धारित मॉडल समयसीमा के अनुसार पूरा किया जाना चाहिए।