फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UGC: भारतीय विवि खाड़ी समेत कई देशों में कैंपस खोलने को इच्छुक, एक महीने में जारी होंगे इससे संबंधित नियम

Fri, 17 Mar 2023 07:42 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UGC के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बताया कि भारतीय विश्वविद्यालयों के कैंपस विदेशों में खोलने की तैयारी आखिरी चरण में हैं। नियम जारी करने से पहले हितधारकों से नियम साझा किए जाएंगे, ताकि उनके सुझाव को ध्यान में रखते हुए उसे फाइनल किया जा सके।
विज्ञापन
Prof M Jagadesh Kumar, UGC Chief - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगामी शैक्षणिक सत्र 2023-24 में भारतीय विश्वविद्यालयों के विदेशों में भी कैंपस होंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने भारतीय विश्वविद्यालयों के विदेशों में कैंपस स्थापित करने के लिए नियम तैयार कर लिए हैं। अप्रैल या मई में इन नियमों को जारी कर दिया जाएगा। विश्वविद्यालयों की योजना है कि शुरुआत में अफ्रीका, खाड़ी देश, थाईलैंड और वियतनाम में अपने कैंपस खोलकर इन देशों के छात्रों को जोड़ा जाए। इन देशों से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा के लिए भारतीय विश्वविद्यालयों में दाखिला लेते हैं।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के चेयरमैन प्रोफेसर एम जगदीश कुमार ने बताया कि भारतीय विश्वविद्यालयों के कैंपस विदेशों में खोलने की तैयारी आखिरी चरण में हैं। नियम जारी करने से पहले हितधारकों से नियम साझा किए जाएंगे, ताकि उनके सुझाव को ध्यान में रखते हुए उसे फाइनल किया जा सके। यूजीसी ने 2021 में अपने नियमों में संशोधन किया था, जिसके तहत विदेश और गृह मामलों के मंत्रालयों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा विदेशों में परिसर स्थापित किए जाने हैं। उन्होंने बताया कि कई देश भारतीय विश्वविद्यालयों को अपने यहां कैम्पस स्थापित करने के लिए बुनियादी ढांचा प्रदान करने को आगे आ रहे हैं।

यूजीसी इसमें भारतीय विश्वविद्यालयों को उन देशों में कैंपस स्थापित करने में मदद करेगा, जहां बेहतर संभावना होगी। उन्होंने कहा कि हम इन विश्वविद्यालयों को विदेशों में अपने परिसर (कैम्पस) स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं।
विज्ञापन


प्रवासी भारतीय भी जता रहे इच्छा
प्रोफेसर कुमार ने बताया कि प्रवासी भारतीय भी अपने देशों में कैंपस स्थापित करने में इच्छा जता रहे हैं। ऐसे कई देश हैं जहां बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय हैं, जो चाहते हैं कि हमारे कैम्पस उन देशों में स्थापित हों और शिक्षा उपलब्ध कराएं। अफ्रीकी देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय इसके लिए इच्छुक हैं। दरअसल, अफ्रीकी देशों में कैम्पस स्थापित करने की बहुत बड़ी संभावना है। थाईलैंड, वियतनाम और कुछ खाड़ी देशों में भी इसे लेकर अपार रुचि है और व्यापक अवसर भी हैं।

आईआईटी भी तैयारी में
प्रोफेसर कुमार ने बताया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) को अपने कैम्पस स्थापित करने के लिए मध्य-पूर्व और दक्षिण एशियाई देशों से अनुरोध प्राप्त हो रहे हैं। इसमें आईआईटी-दिल्ली जहां संयुक्त अरब अमीरात में एक परिसर स्थापित करने पर विचार कर रहा है, वहीं आईआईटी-मद्रास श्रीलंका, नेपाल और तंजानिया में विकल्प तलाश रहा है। मिस्र, थाईलैंड, मलेशिया और ब्रिटेन में भी आईआईटी कैम्पस खोलने की योजना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें