समारोह में छात्रों को डिग्री प्रदान करते राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह व अन्य।
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UCMS: देश में स्वास्थ्य सेवा अब अधिक सुलभ और सस्ती हो गई है। पिछले एक दशक में भारत में चिकित्सा शिक्षा में मूलभूत परिवर्तन आया है। मेडिकल कॉलेजों और प्रशिक्षण के अवसरों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। यह बातें केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइसेंज (UCMS) के 54वें स्थापना दिवस और कॉलेज दीक्षांत समारोह के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि एम्स जैसे संस्थानों के विस्तार ने विभिन्न क्षेत्रों में चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को लोकतांत्रिक और अधिक महिलाओं को चिकित्सा क्षेत्र में करियर के लिए सक्षम बनाया है। इस अवसर पर उन्होंने डॉक्टरों की नई पीढ़ी से नवाचार अपनाने की अपील भी की। केंद्रीय मंत्री ने स्वास्थ्य के मामलों में राज्य और नागरिक के बीच संबंधों को नए सिरे से परिभाषित करने के लिए आयुष्मान भारत और जन औषधि केंद्रों जैसी पहलों को श्रेय दिया।
साथ ही भारत के पहले स्वदेशी एंटीबायोटिक नैफिथ्रोमाइसिन और न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित हीमोफीलिया के लिए जीन थेरेपी के सफल परीक्षणों की ओर इशारा करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी सफलताएं निवारक और चिकित्सीय स्वास्थ्य सेवा में भारत के अग्रणी के रूप में उभरने को दर्शाती हैं। इस मौके पर अंडर ग्रेजुएट एमबीबीएस बैच 2019 और पोस्ट ग्रेजुएट एमडी/एमस छात्रों को डिग्री और मेडल वितरित किए गए।